उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार का दिन बेहद सरगर्मियों भरा रहा। यद्यपि 2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन सूबे की सत्ता पर काबिज होने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने लखनऊ में एक ही दिन समानांतर महा-बैठकें कर चुनावी बिसात बिछा दी है। तीनों दलों के एजेंडे अलग हैं, लेकिन लक्ष्य एक—लखनऊ की गद्दी।
BJP का 'सेवा संकल्प': सरकार के काम और 25 साल का लेखा-जोखा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाने जा रही है।
- महा-कार्यशाला: इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री (केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक), प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी तथा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह सहित लगभग 700 वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।
- रणनीति: केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विकास मॉडल की प्रदर्शनियां लगाकर उन्हें बूथ स्तर और घर-घर तक पहुंचाना।
सपा का फोकस: वोटर लिस्ट और 'फॉर्म-6' का अभियान
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
- मुख्य एजेंडा: सपा का सीधा फोकस बूथ मैनेजमेंट और मतदाता सूची की समीक्षा पर है।
- रणनीति: 'Form-6' के माध्यम से युवाओं और नए मतदाताओं को पार्टी से जोड़ना ताकि बूथ स्तर पर वोट बैंक को सीधे मजबूत किया जा सके।
अकेले मैदान में BSP: संगठन, फंड और उम्मीदवारों पर मंथन
बहुजन समाज पार्टी की सर्वोच्च प्रमुख मायावती ने 75 जिलों के जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ कैडर को तलब कर पार्टी की भावी रणनीति स्पष्ट की।
- एकला चलो रे: मायावती ने दोहराया कि बीएसपी 2027 का चुनाव बिना किसी गठबंधन के अकेले लड़ेगी।
- रणनीति: संगठन की जमीनी री-स्ट्रक्चरिंग, पार्टी के आर्थिक संसाधनों (फंड) की मजबूती और संभावित प्रत्याशियों की समय पूर्व पहचान पर केंद्रित चर्चा।
तीन दल, तीन अलग राहें
| राजनीतिक दलमुख्य फोकस क्षेत्रप्राथमिक रणनीति | ||
| BJP | सरकारी उपलब्धियां & सेवा कार्य | 'सेवा संकल्प' के जरिए बूथ तक जनसंपर्क |
| SP | वोटर लिस्ट & बूथ मैनेजमेंट | नए वोटरों का जुड़ाव (Form-6) |
| BSP | कैडर री-बिल्डिंग & फंड मैनेजमेंट | स्वतंत्र प्रत्याशी चयन और संगठन की मजबूती |
एक ही दिन राजधानी में हुई इन हलचलों से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल पूरी तरह से चुनावी मोड में प्रवेश कर चुका है।





