जापान:
भारत की दिग्गज महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू का अधूरा सपना आखिरकार पूरा हो गया है। 23 सितंबर 2026 को मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स में 49 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल (रजत पदक) अपने नाम कर एक नया इतिहास रच दिया। इस प्रतियोगिता का गोल्ड मेडल उत्तर कोरिया की वेटलिफ्टर ने जीता।
मीराबाई के लिए यह पदक बेहद खास है, क्योंकि उन्होंने एशियन गेम्स में पहली बार कोई मेडल जीता है। इसके साथ ही भारत ने 28 सालों के लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स वेटलिफ्टिंग में कोई पदक हासिल किया है। इससे पहले साल 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने भारत के लिए यह कमाल किया था।
198 किलो वजन उठाकर चानू ने ऐसे जीता सिल्वर
मीराबाई चानू ने प्रतियोगिता की शुरुआत से ही शानदार लय दिखाई और कुल 198 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल पक्का किया:
- स्नैच (Snatch): चानू ने स्नैच राउंड में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहले प्रयास में 83 किलो, दूसरे में 85 किलो और तीसरे प्रयास में 87 किलो वजन उठाकर परफेक्ट शुरुआत की।
- क्लीन एंड जर्क (Clean & Jerk): इसके बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्होंने 111 किलो का वजन सफलतापूर्वक उठाकर रजत पदक अपने नाम कर लिया।
एशियन गेम्स में संघर्ष से सफलता तक का सफर
मीराबाई चानू का एशियन गेम्स में मेडल जीतने का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है:
- 2014: पहली बार हिस्सा लिया, लेकिन मेडल से चूक गईं।
- 2018: चोट (Injury) के कारण प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा।
- 2023: कड़े मुकाबले के बाद चौथे स्थान पर रहकर मेडल से वंचित रहीं।
- 23 सितंबर 2026: आखिरकार अपनी कड़ी मेहनत के बल पर सिल्वर मेडल जीतकर ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान किया अपना वादा पूरा किया।
मीराबाई चानू का बेमिसाल करियर और उपलब्धियां
एशियन गेम्स में इस ऐतिहासिक पदक के साथ ही मीराबाई चानू दुनिया की उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं जिन्होंने खेल जगत के सभी प्रमुख मंचों पर तिरंगा लहराया है:
- टोक्यो ओलंपिक: सिल्वर मेडल
- एशियन गेम्स (2026): सिल्वर मेडल
- गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स: गोल्ड मेडल
- बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स: गोल्ड मेडल
- ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स: गोल्ड एवं सिल्वर मेडल
- वर्ल्ड चैंपियनशिप: विभिन्न पदकों पर कब्जा





