यमन में सरकारी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच छिड़ा संघर्ष अब विकराल रूप ले चुका है, जिसका सबसे भयावह असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस हिंसा के कारण अब तक 1,80,000 (1.8 लाख) से अधिक लोग बेघर होकर विस्थापित होने पर मजबूर हुए हैं।

संघर्ष और जनहानि के मुख्य आंकड़े

  • भीषण हिंसा का दौर: 6 अगस्त से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक कुल 4,481 लोग प्रभावित (हतहाहत) हुए हैं।
  • हालिया आंकड़े: केवल 19 से 26 सितंबर के बीच की भीषण गोलाबारी और झड़पों में 164 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 645 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

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तटीय इलाकों और बंदरगाह पर हूती कब्जा

महीने की शुरुआत में हूती विद्रोहियों ने यमन के तटीय इलाकों में बड़ा आक्रामक अभियान शुरू किया। विद्रोहियों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोखा (Mokha) और लाल सागर में स्थित अन्य द्वीपों पर नियंत्रण कर लिया है।

वैश्विक व्यापार पर संकट: बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य

हूती विद्रोहियों की इस तेजी से बढ़ती पैठ के कारण बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab al-Mandeb Strait) के बंद होने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है।

  • वैश्विक महत्व: यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री गलियारों में से एक है, जहाँ से दुनिया भर का लगभग 12% व्यापारिक माल गुजरता है।
  • आर्थिक प्रभाव: यदि इस मार्ग पर आवाजाही बाधित होती है, तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर इसका सीधा और बेहद गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

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