देश भर में मानसून के रौद्र रूप ने जनजीवन को पूरी तरह से थाम दिया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार समेत देश के विशाल हिस्से में मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान ने तबाही मचा रखी है। मौसम विभाग (IMD) ने देश के 18 राज्यों में हल्की से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि कई इलाकों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
उत्तर प्रदेश: चित्रकूट में बहा पुल, 58 जिलों में अलर्ट उत्तर प्रदेश में बारिश का सबसे भयावह असर चित्रकूट में देखने को मिला, जहां मंदाकिनी नदी के प्रचंड वेग से रामघाट का ऐतिहासिक पुल बह गया और रिहाइशी इलाकों में 5-5 फीट तक कीचड़ भर गया। मौसम विभाग ने राज्य के 58 जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी यूपी में 5 सितंबर तक अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि पश्चिमी यूपी में भी बिजली कड़कने और बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है।
बिहार: उफान पर गंगा और गंडक, 15 जिलों में हाई अलर्ट नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण बिहार में कोसी और गंडक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भागलपुर के सबौर में गंगा नदी के तेज कटाव के कारण आठ मकान नदी में समा गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के 15 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पटना मौसम केंद्र ने औरंगाबाद, भभुआ, बक्सर, रोहतास, गया और नवादा में अत्यधिक भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी दी है।
मध्य प्रदेश: सतना में स्कूल बंद, मंदाकिनी के पानी से हाहाकार चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के जलस्तर में हुई भारी वृद्धि का सीधा असर मध्य प्रदेश पर पड़ा है। सतना, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और मैहर में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। प्रशासन ने सतना जिले में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी है।
दिल्ली और हिमाचल प्रदेश का हाल
- दिल्ली-एनसीआर: 31 अगस्त को आंशिक बादल छाए रहने के बाद 1 सितंबर की दोपहर से शाम के बीच तेज आंधी और बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
- हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य में भूस्खलन और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने 3 सितंबर तक यलो अलर्ट जारी किया है।
ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।





