अहमदाबाद:
रणजी ट्रॉफी 2026 के ग्रुप सी के एक रोमांचक मुकाबले में गुजरात की टीम ने ओडिशा को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी है। इस धमाकेदार जीत के सबसे बड़े नायक 19 वर्षीय युवा बल्लेबाज वेदांत त्रिवेदी रहे, जिन्होंने अपने रणजी डेब्यू मैच को ही हमेशा के लिए यादगार बना लिया। पहली पारी में उनके द्वारा खेली गई शानदार 108 रनों की शतकीय पारी ने गुजरात की जीत की नींव रखी, जिसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
संघर्ष और तपस्या भरी प्रेरणादायक कहानी
अहमदाबाद की तंग गलियों से निकलकर घरेलू क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने वाले वेदांत त्रिवेदी का यहाँ तक का सफर आसान नहीं रहा है:
- कड़ा अनुशासन: वेदांत ने महज 10 साल की उम्र से अपने खेल को समर्पित होने के लिए चीनी (शक्कर) का पूरी तरह त्याग कर दिया है, जो उनके अनुशासन को दर्शाता है।
- पिता का समर्पण: उनके इंजीनियर पिता अल्पेश त्रिवेदी ने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए खुद कड़ी मेहनत की और रोजाना उन्हें अभ्यास के दौरान 300 से अधिक गेंदें फेंकते थे।
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कमबैक और शानदार टर्नअराउंड
साल 2025 में जब वेदांत को इंग्लैंड दौरे के लिए अंडर-19 स्क्वाड में नहीं चुना गया था, तब उन्हें गहरा झटका लगा था। लेकिन इस निराशा को उन्होंने अपनी ताकत बनाया। उन्होंने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में ताबड़तोड़ शतक जड़े और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शीर्ष रन-स्कोरर बनकर शानदार वापसी की।
भारत के लिए अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल चुके वेदांत ने टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में भले ही संघर्ष किया, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ मुश्किल घड़ी में 98 गेंदों पर 68 रनों की मैच जिताऊ पारी खेलकर अपनी काबिलियत साबित की थी। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 32 रनों की बेहद अहम पारी खेली थी। अब रणजी ट्रॉफी में अपने पहले ही मैच में शतक ठोककर उन्होंने यह जता दिया है कि वह भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बनने की राह पर हैं।
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