रांची / सिल्ली:

झारखंड की राजधानी रांची के सिल्ली ब्लॉक स्थित गोंडाडीह पंचायत में भारी बारिश के बाद रानी हारा चेक डैम का बांध अचानक टूट गया। खैर बेड़ा के पास बांध की दीवार टूटने से जलप्रलय जैसी स्थिति पैदा हो गई। तेज बहाव के साथ निकला पानी देखते ही देखते निचले रिहायशी इलाकों, बाज़ारों और दूर-दूर तक फैले खेतों में भर गया, जिससे स्थानीय जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

5 किलोमीटर के दायरे में पानी का तांडव

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण चेक डैम में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा था। दबाव न सह पाने के कारण बांध का एक बड़ा हिस्सा ढह गया।

पानी का प्रभाव लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में देखा गया। खैर बेड़ा के अलावा बाबनी, सातपालू, गोंडाडीह और रेगड़ीआम जैसे कई गांवों की गलियों और मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।

फसल और पशुधन को भारी नुकसान

  • धान की फसल तबाह: खेतों में जलभराव के कारण सैकड़ों किसानों की तैयार धान की फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक व प्रशासनिक नाकामी ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
  • मवेशियों के बहने की सूचना: ग्रामीणों का दावा है कि पानी का बहाव इतना तेज़ था कि कई मछलियों के साथ-साथ बकरियां और अन्य मवेशी भी पानी की तेज़ धार में बह गए। (हालाँकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।)

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प्रशासन की लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रानी हारा चेक डैम की स्थिति पिछले एक साल से जर्जर बनी हुई थी। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन ने समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई। ग्रामीणों ने अब मांग की है कि:

  1. चेक डैम के निर्माण और गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए।
  2. इसे भविष्य के लिए मजबूती से स्थायी रूप से पुनर्निर्मित किया जाए।

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पुलिस-प्रशासन ने लिया जायज़ा, मुआवजे की मांग

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार के अनुसार, स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी इंसान के हताहत होने की खबर नहीं है।

प्रशासनिक टीम वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में फसल और अन्य संपत्तियों के नुकसान का आकलन (Survey) कर रही है। ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित किसानों के लिए तुरंत उचित राहत राशि और मुआवजे की घोषणा करने की मांग की है।

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