सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा मुलाकात से इनकार किए जाने के कुछ ही घंटों बाद, देश की राजनीति मेंवान और उबाल आ गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी की अगुवाई में INDI ब्लॉक के तमाम बड़े दिग्गज नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में एक सनसनीखेज याचिका दायर कर दी है।
इस याचिका में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मुख्य याचिकाकर्ता हैं। उनके साथ देश के 10 प्रमुख विपक्षी दलों के कुल 11 कद्दावर नेता सह-याचिकाकर्ता के रूप में शामिल हैं।
हजारों समर्थकों का सैलाब और ऐतिहासिक मार्च
याचिका दाखिल करने से पहले राजधानी दिल्ली में विपक्ष का एक भव्य और विशाल मार्च देखने को मिला। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से शुरू हुए इस मार्च में हजारों की संख्या में कांग्रेस समर्थक, विभिन्न छात्र संगठन और वकील सड़कों पर उतर आए। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इस मार्च की अगुवाई की, जिसे राहुल गांधी ने पहले ही
"शिव की बारात" की संज्ञा दी थी।
भारी भीड़ और जाम के कारण राहुल गांधी तय समय (शाम 4:30 बजे) से पहले सुप्रीम कोर्ट नहीं पहुंच सके, जिसके चलते उनके अधिकृत वकील एस. प्रसन्ना ने उनकी तरफ से याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की। इस दौरान खुली गाड़ियों और ट्रकों पर राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी समेत कई दिग्गज नेता नजर आए।
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क्यों हुआ सुप्रीम कोर्ट का रुख?
विपक्षी दलों ने रविवार को CJI सूर्यकांत से मिलकर अपनी शिकायत रखने का समय मांगा था, लेकिन CJI ने मिलने से साफ इंकार करते हुए उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में याचिका दाखिल करने की सलाह दी थी। सोमवार को मामले पर टिप्पणी करते हुए CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि "सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या निर्वाचित निकाय के सदस्य की याचिका का स्वागत है।"
याचिका में शामिल प्रमुख विपक्षी नेता और उनकी पार्टियां
| क्रम संख्या | नेता का नाम | राजनीतिक पार्टी |
| 1. | राहुल गांधी (मुख्य याचिकाकर्ता) | कांग्रेस (INC) |
| 2. | मल्लिकार्जुन खड़गे | कांग्रेस (INC) |
| 3. | सौगत राय | तृणमूल कांग्रेस (TMC) |
| 4. | अखिलेश यादव | समाजवादी पार्टी (SP) |
| 5. | तेजस्वी प्रसाद यादव | राष्ट्रीय जनता दल (RJD) |
| 6. | संजय राउत | शिवसेना (UBT) |
| 7. | एम. ए. बेबी | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) |
| 8. | डी. राजा | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) |
| 9. | महुआ माझी | झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) |
| 10. | सुप्रिया सुले | राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) (NCP-SP) |
| 11. | ई. टी. मोहम्मद बशीर | इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) |
नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं
मार्च और प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दोटूक कहा कि "देश तभी बचेगा जब बीजेपी को हटाया जाएगा।" वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि "लोकतंत्र की रक्षा किसी भी राजनीति से ऊपर है और नागरिकों से उनके वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है।"
इस बड़े कानूनी और राजनीतिक कदम के बाद अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं कि अदालत इस हाई-प्रोफाइल मामले में क्या रुख अपनाती है।
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