इस्लामाबाद: भारत और पाकिस्तान के बीच बने लंबे समय के कूटनीतिक गतिरोध के बीच सोमवार (28 सितंबर) को एक बड़ी हलचल देखने को मिली। भारतीय प्रतिनिधिमंडल शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के नेशनल कोऑर्डिनेटर्स की एक उच्चस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए इस्लामाबाद पहुंचा है। भारतीय टीम की अगुवाई भारत के एससीओ कोऑर्डिनेटर आलोक डिमरी कर रहे हैं।
वर्ष 2024 के बाद यह पहला मौका है जब कोई भारतीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के दौरे पर गया है, जिससे बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों की सहभागिता को लेकर कूटनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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2027 की मेजबानी और कार्यक्रम कैलेंडर पर मंथन
पाकिस्तान वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करने जा रहा है। इस्लामाबाद में जारी इस दो दिवसीय बैठक का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाले आगामी कार्यक्रमों और सम्मेलनों के कैलेंडर को अंतिम रूप देकर मंजूरी देना है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित एससीओ सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया था।
इससे पूर्व पाकिस्तान ने संकेत दिए थे कि वह एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए भारतीय प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित करेगा, हालांकि प्रधानमंत्री के पाकिस्तान दौरे को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि या विवरण सामने नहीं आया है।
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तनावपूर्ण पृष्ठभूमियों के बीच बहुपक्षीय बातचीत
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा पर भारी तनाव रहा है। पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर पाकिस्तान और सीमा पार (PoK) स्थित कई आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई उकसावे की कार्रवाई का भी भारतीय बलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया था।
सामरिक और सुरक्षा संबंधी तल्खियों के बावजूद, बहुपक्षीय क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SCO) के ढांचे के तहत दोनों देशों का एक मंच पर आना वैश्विक व क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





