पूर्वांचल सूर्य ब्यूरो,मयूरहंड,चतरा।जिले के मयूरहंड प्रखंड अंतर्गत दिग्ही में पीएचईडी विभाग द्वारा लाखों रुपये खर्च कर शुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर सोलर संचालित जलमीनार अधिष्ठापित की गई है। इसके बाबजूद एक-एक बूंद पानी के लिए ग्रामीण तरस रहे हैं।





ग्रामीणों का कहना है कि सोलर संचालित जलमीनार अधिष्ठापित होते देख लगा कि अब शुद्ध पेयजल की परेशानी दूर होगी पर उत्साह महज छ: माह के अंदर ही चिन्ता में बदल गया। स्थिति ऐसी हो गई है कि विभाग से चापानल व सोलर संचालित मोटर बनवाने की मांग आज तक करना पड़ रहा है।





ज्ञात हो कि वर्ष 2012-13 में चौदहवीं वित्त योजना अंतर्गत पीएचईडी विभाग के देखरेख में डीप बोरिंग के साथ सोलर संचालित मोटर चापानल में लगाया गया था। इसके अलावा ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पांच हज़ार क्षमता वाला जलमीनार अधिष्ठापित किया गया,जो केवल शोभा की वस्तु भर ही रह गया।आज तक जलमीनार को चापानल से नहीं जोड़ा जा सका। एक वर्ष के अंदर ही सोलर संचालित मोटर अपना दम तोड़ दिया है,जिसे बनवाने को लेकर दर्जनों बार ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के पदाधिकारी से आग्रह की पर सिर्फ आश्वासन ही मिला।





ग्रामीणों ने बताया कि इतना ही नहीं हेडपंप से किसी तरह हम ग्रामीण पानी भरकर ले जाते थे। उसे भी विभाग के पदाधिकारी खोलकर वर्षाे पूर्व ले गए जो आज तक नहीं बन पाया है। ऐसे में इस भीषण गर्मी में भी पेयज की व्यवस्था को लेकर संबंधित विभाग के साथ क्षेत्र के सांसद, विधायक व स्थानिय प्रतिनिधि मौनधारण किए हुए हैं।