लाखों श्रद्धालुओं ने जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर लगाई आस्था की डुबकी
झारखंड के एकमात्र साहिबगंज जिला से ही प्रवाहित होती है गंगा
एसपी और डीसी सुबह से कर रहे थे मॉनिटरिंग
पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,साहिबगंज।माघी पूर्णिमा के दिन प्रखंड मुख्यालय समेत राजमहल प्रखंड में भी लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई।यह नजारा अब तक के सभी स्नान से अलग दिख रहा था।हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम एक साथ जयकारे के बाद अमृत स्नान करने के लिए विभिन्न घाटों पर उमड़ पड़ा।सभी ने एक साथ शुभ मुहूर्त 5.19 मिनट पर आस्था की डुबकी लगाई।शुभ मुहूर्त सुबह 5.19 से शुरू हुआ जो 6.10 तक रहा। शुभ मुहूर्त के बाद भी श्रद्धालुओं का आस्था की डुबकी लगाने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
शास्त्रों के अनुसार माघी पूर्णिमा के दिन पवित्र गंगा में अमृत स्नान का बेहद खास महत्व है।माना जाता है कि इस दिन अमृत स्नान करने से मोक्ष मिलता है और सभी पाप तो धुलते ही हैं,आने वाली ज़िंदगी भी बेहद सरल और अच्छी हो जाती है। यही वजह है कि इस खास दिन के मौके पर हर कोई गंगा नदी पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाना चाहता है। जिले के कोने-कोने से हिन्दू धर्म को मानने वाले लाखों श्रद्धालु गंगा नदी पहुंचे थे।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़,राजकीय माघी पूर्णिमा और सुरक्षा के मद्देनजर राजमहल रेलवे स्टेशन के निकट सभी प्रकार के वाहनों पर नो इंट्री लगाई गई थी,जिससे स्नान में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न उठानी पड़े। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे।आरक्षी अधीक्षक अमित कुमार सिंह और उपायुक्त हेमन्त सती खुद सुबह से ही गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था,पार्किंग नियंत्रण कक्ष,स्वास्थ्य सेवाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की खुद मॉनिटरिंग कर रहे थे। दोनों वरीय अधिकारी बर-बार सीसीटीवी,ड्रोन निगरानी और आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा भी कर रहे थे।
बता दें कि झारखंड के एक मात्र साहिबगंज जिला से ही उत्तरवाहिनी पवित्र गंगा नदी प्रवाहित होती है,जहां कई राज्यों के लाखों श्रद्धालु और पर्यटक किसी खास मौकों पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं।





