रांची। लॉरिआल इंडिया ने अपने छात्रवृत्ति कार्यक्रम फॉर यंग विमेन इन साइंस (एफवाईडब्ल्यूआईएस) 2023 के नवीनतम संस्करण की घोषणा की जोकि एक राष्ट्रव्यापी योग्यता पर आधारित छात्रवृत्ति कार्यक्रम है तथा यह योजना उन लड़कियों को स्नातक स्तर पर पढ़ाई के लिए मंच प्रदान करती है जो विज्ञान में रुचि रखती हैं।





लॉरिआल इंडिया ने अपने इस छात्रवृत्ति कार्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित करने शुरू कर दिए हैं,जिनमें से सफल उम्मीदवारों को उनके पढ़ाई लिखाई से संबंधित खर्चों के लिए ढाई लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाएगी। यह छात्रवृत्ति योजना अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम लॉरिआल यूनेस्को फॉर विमेन इन साइंस का एक विस्तार है।इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान में पढ़ाई करके उनकी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में सहायता एवं जरूरी समर्थन प्रदान करना है।





यह कार्यक्रम भारत में सन 2003 में स्थापित किया गया था। इस कार्यक्रम के माध्यम से वंचित वर्ग की युवा महिलाएं अपनी पसंद के किसी भी प्रतिष्ठित एकेडमिक इंस्टीट्यूशन में स्नातक स्तर पर विज्ञान की पढ़ाई कर सकती हैं। इस कार्यक्रम के तहत स्नातक स्तर पर विज्ञान की पढ़ाई के लिए कई क्षेत्र उपलब्ध हैं,जिनमें प्योर साइंसेज, अप्लाइड साइंसेज, इंजीनियरिंग तथा मेडिसिन आदि शामिल हैं।





लॉरिआल इंडिया के कॉरपोरेट अफेयर्स एंड एंगेजमेंट के डायरेक्टर कृष्णा विलासिनी भारद्वाज ने कहा कि लॉरिआल में हम मानते हैं कि विज्ञान ही उन्नति की नींव है। जबकि यूनेस्को इंस्टीट्यूट फॉर स्टैटिस्टिक्स (यूआईएस) के आंकड़ों के अनुसार एसटीईएम में महिलाओं का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए कई कोशिश करी गईं, लेकिन दुनिया के केवल 33.3% शोधकर्ता महिलाएं हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लॉरिआल ने फॉर यंग विमेन इन सांइस विज्ञान छात्रवृत्ति कार्यक्रम की शुरुआत की, ताकि उन्हें वित्तीय सहायता देकर होनहार लड़कियों के लिए विभिन्न वैज्ञानिक विषयों को आगे बढ़ाने के रास्ते तैयार किए जा सकें। अपनी स्थापना के बाद से कार्यक्रम ने 400 से भी ज़्यादा युवा महिलाओं की मदद कर उन्हे उनकी मंजिल पाने में सक्षम बनाया है। हम कई युवा दिमागों को प्रेरित करने और उन्हें उज्ज्वल भविष्य बनाने और समाज के प्रति योगदान देने में मदद करने के लिए तत्पर हैं।