प्रतिनिधि,जामा। प्रखंड मुख्यालय सहित चिकनियां,कैराबनी,माहरो,बरापलासी,लक्ष्मीपुर,हल्दीपटी,
भैरवपुर,लकड़ापहाड़ी,ताराजोरा,नवाडीह सहित विभिन्न गांवों में गुरुवार को वट सावित्री पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
इस दौरान सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए बरगद के पेड़ की पूजा की।पांच प्रकार के फलों का भोग लगाकर तथा बरगद के पेड़ पर रक्षा सूत्र बांधकर परिक्रमा किए।तथा पति को आरती उतारकर चंदन का तिलक लगाकर पंखा का भी हवा लगाया।इस दौरान सुहागिनों ने एक दूसरे के माथे में सिंदूर लगाकर इस त्योहार की पुरानी धार्मिक परंपरा को निभाया।
वट पूजा के उपरांत सिंदूर लगाने का एक विशेष महत्व है।ऐसी मान्यता है कि इससे पति की आयु में वृद्धि होती है।साथ ही सोभाग्य की भी वृद्धि होती हैं। हिंदू धर्म में महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री व्रत रखती है। विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद पाने के लिए व्रत रखती है।ऐसी मान्यता है कि वट सावित्री व्रत को करने से पति दीर्घायु होते हैं।व्रत में नियम निष्ठा का विशेष ख्याल रखा जाता है।





