पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,चतरा।बीते गुरुवार को चतरा में युवक अंकित कुमार गुप्ता पर प्राण घातक हमला कर दिया गया। घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने घायल अंकित को सदर अस्पताल पहुंचाया,जहां प्राथमिक उपचार के बाद अंकित की गंभीर अवस्था को देखते हुए चिकित्सकों ने हजारीबाग रेफर किया।हजारीबाग से घायल अंकित की चिंताजनक स्थिति को देखकर उसे रांची के रिम्स रेफर कर दिया गया,जहां चिकित्सा में लापरवाही बरते जाने के कारण घायल अवस्था में अंकित ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।अगर रिम्स में अंकित को समय पर चिकित्सकीय सुविधा मिल जाती तो शायद अंकित की जान बच सकती थी, लेकिन समय पर चिकित्सक नहीं उपलब्ध हो पाने के कारण घायल अंकित ने दम तोड़ दिया।





अंकित के मौत की खबर जैसे ही चतरा शहर में पहुंची शहरवासी आक्रोशित हो उठे।लोगों ने एन‌एच -22 को जाम कर दिया,शहर की दुकान बंद हो गई।लोगों की बस एक ही मांग थी कि अंकित के हत्यारे को अविलंब गिरफ्तार किया जाए।मृतक अंकित अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था,जिसकी हत्या कर दी गई।अंकित की हत्या से शहर में उबाल आ गया,जिसने भी सुना उसने इस घटना की कड़ी भर्त्सना की।





चतरा विधायक जनार्दन पासवान ने चिकित्सा के अभाव में दम तोड़ देने वाले अंकित के हत्यारे को अविलंब गिरफ्तारी की मांग के साथ ही शहर के प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े किए।





विधानसभा में भी जनार्दन पासवान ने युवक अंकित की हत्या पर दुख जताते हुए राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। विधानसभा में जनार्दन पासवान ने बोलते हुए कहा कि यदि समय पर हताहत युवक को रिम्स में चिकित्सा की सुविधा मिलती तो शायद उसकी मौत नहीं होती।





जनार्दन पासवान ने कहा की सरकार जहां स्वास्थ्य और चिकित्सा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है और सरकार के स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की बात करते हैं वह बिल्कुल बेमानी है।राजधानी के रिम्स जैसे अस्पताल की लचर व्यवस्था पर जनार्दन पासवान ने सवालिया निशान खड़े किए।





विधायक जनार्दन पासवान ने कहा कि समय रहते यदि युवक को चिकित्सकीय सुविधा मिलती तो शायद उसके प्राण न जाते,राज्य में चिकित्सा व्यवस्था बिल्कुल चरमराई है।स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था और कुव्यवस्था का इससे बड़ा आलम और क्या हो सकता है कि घायल युवक को 3 घंटे तक कोई चिकित्सा सुविधा नहीं प्राप्त हुई,जिसके कारण उसने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही विधायक ने राज्य में कानून व्यवस्था लचर व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।