नई दिल्ली / ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वतन वापसी को लेकर जारी अटकलों और ढाका से आ रही लगातार मांगों के बीच भारत सरकार की ओर से महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया सामने आई है। भारत ने स्पष्ट किया है कि शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की जा सकती, क्योंकि यह पूरा विषय कानूनी प्रक्रिया और जांच के अधीन है।
भारतीय उच्चायुक्त का बयान: कानूनी प्रक्रिया के अधीन है प्रत्यर्पण
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने शनिवार (3 अक्टूबर) को इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की। 'पीटीआई' की रिपोर्ट के अनुसार:
- समयसीमा तय करना असंभव: उच्चायुक्त ने कहा, "कोई भी आपको शेख हसीना की वापसी का फिक्स टाइम नहीं बता सकता है।"
- जांच और प्रक्रिया: उन्होंने बताया कि ढाका की ओर से प्रत्यर्पण के कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं, लेकिन यह पूरी तरह से एक जटिल कानूनी प्रक्रिया है और वर्तमान में इस मामले की जांच जारी है।
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शेख हसीना का रुख: "दिसंबर तक वापसी की योजना, डर से समझौता नहीं"
दूसरी ओर, भारत में मौजूद शेख हसीना ने खुद बांग्लादेश लौटने के अपने दृढ़ संकल्प को दोहराया है। इससे पूर्व सितंबर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी रणनीति और वापसी को लेकर अपनी बात रखी थी:
- पासपोर्ट सील होने के बावजूद तैयारी: उन्होंने कहा, "मेरा पासपोर्ट वगैरह सब सील हो गया है, फिर भी मैं बांग्लादेश वापसी का पक्का इरादा रखती हूँ। सही वक्त आने पर मैं खुलासा करूंगी कि कैसे और कब मैं वहाँ जाने वाली हूँ।"
- गिरफ्तारी का डर नहीं: अपनी सुरक्षा और कानूनी कार्रवाइयों पर उन्होंने कहा, "मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है या जेल भेजा जा सकता है, लेकिन डर जनता के प्रति मेरे कर्तव्य को तय नहीं कर सकता।"
- दिसंबर का संभावित संकेत: कानूनी पेचीदगियों का हवाला देते हुए उन्होंने संकेत दिया था कि वे इस वर्ष दिसंबर तक बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं।
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