दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन इलाके की एक संकरी गली में रविवार (6 सितंबर 2026) को एक पांच मंजिला पुरानी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के 5 छात्र शामिल हैं। इस इमारत में लड़कों का 'पेइंग गेस्ट' (PG) चलाया जा रहा था। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
MCD का सतही सर्वे और लापरवाही उजागर
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) के मानसून-पूर्व सर्वे की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं:
- 27.84 लाख में केवल 19 जर्जर: MCD ने साल 2026 की शुरुआत में करीब 27,84,286 इमारतों का सर्वे किया था, जिसमें ताज्जुब की बात यह है कि पूरी दिल्ली में केवल 19 इमारतों को ही खतरनाक पाया गया था।
- जांच का तरीका: अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे के दौरान सिर्फ बाहर से दिखाई देने वाली दरारें या झुकी हुई दीवारें देखी जाती हैं। किसी भी इमारत की कोई विस्तृत संरचनात्मक जांच (Structural Audit) नहीं की जाती।
नियमों की धज्जियां उड़ाकर बनी थी 5 मंजिला इमारत
MCD के अनुसार, यह इमारत 1970 के दशक में पुनर्वास कॉलोनी के तहत 55 वर्ग गज के छोटे से प्लॉट पर बनाई गई थी।
- अनुमति केवल ग्राउंड + 1 की: इन कॉलोनियों में सिर्फ भूतल और एक मंजिल (Ground + 1) बनाने की ही अनुमति थी, लेकिन बिना किसी स्वीकृत नक्शे के यहां अवैध रूप से 5 मंजिलें तान दी गईं।
- हादसे की संभावित वजह: स्थानीय निवासियों का कहना है कि इमारत में चल रहे मरम्मत कार्य और बेसमेंट में पानी जमा होने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, MCD आयुक्त संजीव खिरवार ने बताया कि मजिस्ट्रेट जांच के बाद ही तात्कालिक कारणों का पता चल सकेगा।
कड़ी कार्रवाई: 5 अधिकारी निलंबित, आसपास की इमारतें सील
हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं:
- निलंबन: MCD ने दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
- धारा 349 के तहत नोटिस: सुरक्षा के लिहाज से पास की एक लड़कियों की पीजी इमारत को सील कर दिया गया है तथा आसपास की कम से कम 4 इमारतों को खाली करने का नोटिस (DMC एक्ट की धारा 349 के तहत) जारी किया गया है।
साउथ दिल्ली में बार-बार हो रहे हादसे, बीजेपी ने उठाया मुद्दा
दक्षिण दिल्ली में इस साल जर्जर इमारतों और आगजनी के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 30 मई को सैदुल अजायब में इमारत ढहने से 6 मौतें और 3 जून को हौज रानी में आग लगने से 23 लोगों की जान जाना शामिल है।
बीजेपी नेता विजय गोयल ने सोशल मीडिया पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पुरानी दिल्ली और चांदनी चौक जैसे इलाकों में खुलेआम 6 मंजिला अवैध निर्माण हो रहे हैं। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।





