दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। P-14 स्थित पांच मंजिला पीजी इमारत के अचानक जमींदोज होने के मामले में गाज सीधे बड़े अफसरों पर गिरी है। विजिलेंस विभाग ने 7 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर (DC) समेत पूरी इंजीनियरिंग टीम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह पहला मौका है जब किसी इमारत हादसे में प्रतिनियुक्ति पर तैनात इतने उच्च पदस्थ अधिकारी (डिप्टी कमिश्नर) को सस्पेंड किया गया है।
निलंबित अधिकारियों की सूची
| अधिकारी का नामपद / विभाग | |
| राकेश कुमार | डिप्टी कमिश्नर (साउथ जोन) |
| रणवीर सिंह | सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर |
| ललित कुमार गोयल | एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) |
| सुनील चौहान | असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) |
| आशीष कुमार | जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) |
अवैध निर्माणों पर सरकार का कसता शिकंजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं घटनास्थल का पुनरीक्षण कर सुरक्षा एवं राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में जारी सभी पांचवीं मंजिल वाले अवैध निर्माणों को तुरंत सील किया जाए और आसपास के सभी पीजी भवनों की सघन जांच हो।
पड़ोसी भवन P-13 पर भी मंडराया खतरा
P-14 इमारत गिरने से बगल में स्थित भवन P-13 को भी गंभीर संरचनात्मक नुकसान पहुंचा है। MCD ने इस ढांचे को 'अत्यंत खतरनाक' घोषित करते हुए मकान मालिक को इसे ध्वस्त करने के लिए 3 दिन की अंतिम मोहलत दी है। तय समय सीमा में कार्रवाई न करने पर निगम खुद इसे ढहाकर लागत राशि मालिक से वसूलेगा।





