दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक 5-मंजिला पीजी (PG) इमारत का हिस्सा ढहने के बाद राजधानी में सियासी घमासान तेज हो गया है। हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। अब तक 6 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है, जबकि एनडीआरएफ (NDRF) और दिल्ली फायर सर्विस का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस घटना ने एक बार फिर छात्रों की सुरक्षा और अवैध निर्माणों पर प्रशासनिक लापरवाही को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

केजरीवाल का सरकार पर हमला, छात्रों की सुरक्षा की उठाई मांग

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए:

  • प्रशासनिक लापरवाही: उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण दिल्ली में लगातार हादसे हो रहे हैं और प्रशासन को नींद से जागकर बड़े स्तर पर सुरक्षा ढांचा दुरुस्त करना होगा।
  • अमानवीय स्थितियां: यूनिवर्सिटी में हॉस्टल सुविधाओं की कमी के कारण छात्र एक-एक कमरे या पीजी में 40-40 की संख्या में अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।
  • तत्काल राहत की अपील: केजरीवाल ने बचाव दलों से हर संभव मदद पहुंचाने और घायलों को सर्वोत्तम इलाज देने का आग्रह किया।

कांग्रेस ने मांगी न्यायिक जांच, सीलिंग हटाने पर उठाए सवाल

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने हादसे की न्यायिक जांच की मांग करते हुए सीधा प्रशासनिक साठगांठ का आरोप लगाया:

"इस बिल्डिंग को पहले सील किया गया था, लेकिन किसके आदेश पर एक महीने पहले सीलिंग हटाई गई? MCD और दिल्ली सरकार को इसकी सीधी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।"

वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी हॉस्टल सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि जब तक छात्रों को सुरक्षित आवास नहीं मिलता, ऐसी घटनाएं उनके जीवन को खतरे में डालती रहेंगी।

MCD और एलजी की जवाबदेही तय हो: अमानतुल्लाह खान

आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली नगर निगम (MCD) और उपराज्यपाल (LG) प्रशासन पर तीखा हमला बोला:

  • MCD की घोर लापरवाही: उन्होंने आरोप लगाया कि MCD अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रही है।
  • ऊपरी स्तर पर जवाबदेही: उन्होंने सवाल उठाया कि इस लापरवाही के लिए MCD कमिश्नर, मेयर और LG को जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया जाना चाहिए? जब तक शीर्ष स्तर पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हालात नहीं बदलेंगे।

हादसे और रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य जानकारी

विवरणस्थिति / तथ्य
इमारत का विवरण40-50 साल पुरानी, बेसमेंट + 5 ऊपरी मंजिलें (PG के रूप में इस्तेमाल)
दुर्घटना का कारणबेसमेंट में मरम्मत/रिपेयर का काम चलने के दौरान ढांचा गिरा
राहत कार्यNDRF और फायर ब्रिगेड द्वारा सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घायलों की स्थिति6 लोगों को रेस्क्यू कर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया

सत्य निकेतन हादसे ने एक बार फिर दिल्ली में बिना एनओसी (NOC) और बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे छात्र आवासों की पोल खोल दी है, जिस पर अब कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है।