पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,रजरप्पा।कोयलांचल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण आयोजन किया गया,जिसका विषय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा था।इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के आधुनिक तरीकों से अवगत कराना और कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना था।





कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्राचार्य उमेश प्रसाद,रिसोर्स पर्सन डॉक्टर देव नंदन सिंह,प्रभारी मिथिलेश कुमार खन्ना और राकेश सहाय द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र में दीप प्रज्वलित और पुष्पार्चन कर किया।प्राचार्य ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षकों का सतत प्रशिक्षण आवश्यक है।यह पहल न केवल शिक्षकों के ज्ञान में वृद्धि करेगी,बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास में भी सहायक होगी।





इस प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षक विशेषज्ञ डॉक्टर देव नंदन सिंह ने शिक्षकों को नई शिक्षण विधियों,मूल्यांकन प्रक्रियाओं और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से समावेशी शिक्षा, मूल्यांकन आधारित शिक्षण और छात्र-केंद्रित शिक्षण तकनीकों पर प्रकाश डाला।





विद्यालय के शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रशिक्षक ने उन्हें नवाचार आधारित शिक्षा प्रणाली को अपनाने के लिए प्रेरित किया।





प्रशिक्षण को सफल बनाने में विद्यालय के सभी आचार्य दीदी जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।