पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,रांची।सीएमपीडीआई के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक मनोज कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यालय परिसर में पर्यावरण झंडा फहराया। मौके पर सीएमपीडीआई के निदेशक (तकनीकी/सीआरडी) शंकर नागाचारी एवं निदेशक (तकनीकी/पीएंडडी) अजय कुमार, क्षेत्रीय संस्थान-3 रांची के क्षेत्रीय निदेशक जयंत चक्रवर्ती,महाप्रबंधक विभागाध्यक्षगण के अलावा मुख्यालय एवं क्षेत्रीय संस्थान-3 के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।तत्पश्चात मनोज कुमार ने कर्मियों को पर्यावरण शपथ दिलाई।
इस अवसर पर कोल इंडिया के अध्यक्ष पीएम प्रसाद का संदेश पढ़ा गया।मनोज कुमार ने कोल इंडिया पारिस्थितिक पुनरूद्धार,कार्बन सिंक के विकास के साथ-साथ इको पार्क और खान पर्यटन स्थलों जैसी अन्य पहलों के लिए अपने खनन क्षेत्रों में सुधार प्रथाओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसमें सामुदायिक उपयोग के लिए जल स्रोतों के रूप में माइनिंग सम्प का विकास भी शामिल है। इन प्रथाओं से लंबे समय में भूमि क्षरण और मरूस्थलीकरण को रोकने में मदद मिलेगी। सीएमपीडीआई उपग्रह की सहायता के साथ-साथ कोयला खनन परियोजनाओं में किए गए भूमि सुधार की ड्रोन आधारित निगरानी और पैचों की पहचान के माध्यम से इस उददेश्य के लिए कोल इंडिया का मदद कर रहा है।
इस अवसर पर पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में ग्रीन गोल आफ कोल इम्पैक्ट आफ डेजर्टफिकेशन आन फुड सिक्युरिटी थीम पर एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता, लैंड रेस्टोरेशन, डेजर्टफिकेशन एंड ड्राट रिजिलेंस विषय पर पोस्टर डिजाइन प्रतियोगिता तथा पर्यावरण संरक्षण विषय पर आयोजित पेटिंग प्रतियोगिताओं के सभी विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। तत्पश्चात पौधारोपण अभियान का आयोजन भी किया गया।
सीएमपीडीआई ने लैंड रेस्टोरेशन, डेजर्टफिकेशन एंड ड्राट रिजिलेंस विषय,विषय पर एक व्याख्यान भी आयोजित किया। इस व्याख्यान के अतिथि वक्ता एके रस्तोगी,अध्यक्ष, टास्कफोर्स,सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन एंड ग्रीन हाइड्रोजन, झारखंड सरकार ने भूमि क्षरण,मरूस्थलीकरण और सूखे के विभिन्न कारणों और भोजन और पानी की कमी,गर्मी की लहरों,प्रकोप जैसे संबंधित खतरों पर प्रकाश डाला और पारंपरिक तरीकों और प्रौद्योगिकियों से परे सोच कर औद्योगिक कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में कदम उठाने पर जोर दिया।
श्री रस्तोगी ने जीवाश्म ईंधन के उपयोग से बचने और कटौती करने,सौर ऊर्जा,बायो सीएनजी जैसे वैकल्पिक हरित ऊर्जा स्रोतों और महत्वपूर्ण खनिजों की खोज पर जोर दिया। इस अवसर पर सीएमपीडीआई के निदेशक (तकनीकी/पीएंडडी) अजय कुमार एवं निदेशक (तकनीकी/ईएस) सतीश झा उपस्थित थे।





