रांची।झारखंड में बेरोजगर युवाओं के लिए होली से पहले अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बार से नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को लेकर गुरुवार को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है।कैबिनेट बैठक में 37 प्रस्ताव पर मुहर लगी।इसमें अधिक महत्वपूर्ण कई तरह के नियुक्ति नियमावली में संशोधन किया गया है।





संशोधन के बाद अब राज्य से मैट्रिक -इंटर पास करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।अब नियुक्ति प्रक्रिया में भाग लेने के लिए झारखंड से मैट्रिक और इंटर पास करना अनिवार्य नहीं होगा। कई नियुक्ति नियमावली में स्थानीय और जनजातीय भाषा मे दर्ज 12 भाषाओं में भी विस्तार किया गया है।अब पहले से तय 12 भाषाओं के अलावा हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत भाषा को परीक्षा में शामिल किया गया है।स्थानीय रीति-रिवाज की जानकारी अनिवार्य रूप से होने की शर्त को भी हटा दिया गया है।





आपको बता दे कि 2016 से पहले की नियुक्ति प्रक्रिया को अपनाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से राय मांगी थी।राज्य के 7 लाख 33 हजार युवाओं ने इस पर हामी भरी और इसके बाद सीएम सोरेन ने ये निर्णय लिया है। अब राज्य में 60 और 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी। 60 प्रतिशत में ST/SC/OBC और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के युवा शामिल होंगे, जबकि 40 प्रतिशत ओपन टू ऑल रहेगा। इसके अलावा सीएम सोरेन ने मैट्रिक-इंटर के छात्रों में टॉपर को क्रमश: 3 लाख, 2 लाख और 1 लाख रुपया के साथ लैपटॉप देने का निर्णय लिया है। इसी तरह ओलंपिक के पदक विजेता और कोच को दी जाने वाली राशि भी पहले की तुलना में बढ़ा दी गई है।