सीएम हेमन्त सोरेन झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के प्रमंडलस्तरीय कार्यक्रम में हुए शामिल





कुल 13 लाख 94 हज़ार 82 बहन-बेटियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से सम्मान राशि हस्तांतरित





आने वाली पीढ़ी को बेहतर मार्गदर्शन देना हमारा संकल्प:हेमन्त सोरेन





ब्यूरो प्रमुख,नगवां मैदान (सिंदूर) हजारीबाग।राज्य का कोई ऐसा घर नहीं होगा जहां राज्य सरकार की कोई न कोई योजनाएं नहीं पहुंच रही है।कई घर-परिवारों में सरकार की कई योजनाओं का लाभ एक साथ मिल रहा है।हमारा प्रयास राज्य वासियों की आर्थिक सामर्थ्य और समृद्धि बढ़ाना है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन हज़ारीबाग में झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के प्रमंडल स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी,दलित,पिछड़े,

अल्पसंख्यक,गरीब,किसान-मजदूर,बुजुर्ग,दिव्यांग,महिला और युवाओं को सशक्त बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।





मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को लेकर महिलाओं का जबरदस्त उत्साह देखते ही बन रहा है।महज दो सप्ताह में 42 लाख से ज्यादा महिलाओं ने इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन दिए और इन आवेदनों पर स्वीकृति भी देने का एक रिकॉर्ड बन रहा है।इस योजना से जुड़ने के लिए महिलाएं तेजी से आगे आ रही हैं। हर दिन यह संख्या बढ़ती ही जा रही है। यह योजना अनवरत चलेगी और हर बहन- बेटी को इसके जरिए आर्थिक संबल प्रदान करेंगे।





मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में आधी आबादी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी वजह से राज्य सरकार हर उम्र की महिलाओं तथा बहनों -बेटियों के लिए योजनाएं लेकर आई है। एक तरफ यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के माध्यम से 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को पेंशन दिया जा रहा है।वहीं बच्चियों को बेहतर शिक्षा के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से जोड़ा गया है।अब झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत 21 से 50 वर्ष की उम्र तक की सभी महिलाओं को सम्मान राशि सरकार प्रदान कर रही है।इस तरह किसी भी उम्र की कोई भी महिला ऐसी नहीं होगी, जिन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ नाम मिल रहा हो।





मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक पिछड़ा राज्य है।आज भी यहां की एक बड़ी आबादी गरीबी की जिंदगी व्यतीत कर रही है। ऐसे में अभाव और वंचित समाज के लोगों को आर्थिक सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी बात को ध्यान में रखकर हमारी सरकार ने सर्वजन पेंशन योजना को लागू किया है। इस योजना के तहत बड़े बुजुर्ग, एकल महिला और दिव्यांगों को पेंशन दिया जा रहा है। किसानों के दो लाख रुपए तक के लोन को माफ करने का निर्णय भी हमने लिया है। गरीबों को हर राशन कार्ड, महिलाओं को सम्मान राशि देने समेत ऐसी कई और भी योजनाएं हैं, जिनके माध्यम से हम लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने का प्रयास कर रहे हैं।





किसानों की आमदनी बढ़ाने का हो रहा प्रयास





मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मौसम में जिस तरह का बदलाव देखने को मिल रहा है, वैसे में किसानों को पारंपरिक कृषि के साथ अन्य माध्यमों से भी आय बढ़ाने की दिशा में सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से किसान फलदार वृक्ष लगाकर और मुख्यमंत्री पशुधन योजना से जुड़कर अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं।इसके अलावा किसानों को खाद- बीज और अन्य जरूरतों को पूरा कराने का काम राज्य सरकार कर रही है।





मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड से बड़ी संख्या में किसान- मजदूर और अन्य लोग दूसरे प्रदेशों और विदेशों में रोजगार के लिए पलायन करते हैं। ऐसे में दूसरे राज्य और देशों में रहने वाले झारखंड के लोगों के हितों का भी सरकार पूरा ख्याल रख रही है। वहां उनके साथ अगर किसी प्रकार की घटना या हादसा होता है तो सरकार हर स्तर पर उनकी सहायता तथा मदद देने के लिए तत्पर है।हमारी कोशिश इस राज्य के अंदर और राज्य के बाहर रहने वाले सभी झारखंड वासियों का ख्याल रखना है।





युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के खुल चुके हैं द्वार





मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दरवाजा खुला हुआ है। इंजीनियर,डॉक्टर,कृषि पदाधिकारी,खेल पदाधिकारी,पशुपालन अधिकारी जैसे अनेक हज़ारों पदों पर बहाली हो चुकी है।वहीं सहायक आचार्य, उत्पाद सिपाही और आरक्षी समेत दर्जनों विभागों में खाली पड़े हजारों पदों के लिए पूरी तेजी के साथ नियुक्ति प्रक्रियाएं चल रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यहां के जो बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और अफसर बनना चाहते हैं, उन्हें भी सरकार आर्थिक सहायता दे रही है। गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से यहां के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख रुपए तक का शिक्षा लोन सरकार अपनी गारंटी पर दे रही है। हमारा संकल्प आने वाली पीढ़ी को बेहतर मार्गदर्शन देना है।





उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सात जिलों में कुल लक्ष्य का 94 प्रतिशत उपलब्धि हासिल





उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के 7 जिलों में झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत 15 लाख 29 हज़ार 883 लाभुकों के आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है। इस योजना की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कुल लक्ष्य का 93.63 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने आज आयोजित प्रमंडल स्तरीय कार्यक्रम में 13 लाख 94 हज़ार 82 लाभुकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से सम्मान राशि हस्तांतरित कर महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इनमे हज़ारीबाग़ के 2 लाख 29 हज़ार 835, धनबाद जिले के 2 लाख 63 हज़ार 751, बोकारो जिले के 2 लाख 66 हज़ार 537, गिरिडीह जिले के 2 लाख 95 हज़ार 966, कोडरमा जिले के 99 हज़ार 378, चतरा जिले के 1 लाख 38 हज़ार 237 और रामगढ़ जिले के 1 लाख 378 बहन- बेटियां शामिल हैं।





इस कार्यक्रम में मंत्री सत्यानंद भोक्ता,मंत्री बेबी देवी,मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, विधायक मथुरा प्रसाद महतो, विधायक उमा शंकर अकेला, विधायक विनोद सिंह, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक जयमंगल सिंह, विधायक अम्बा प्रसाद, विधायक लंबोदर महतो, पूर्व विधायक ममता देवी, फागु बेसरा, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव मनोज कुमार, प्रमंडलीय आयुक्त सुमन कैथरीन किस्पोट्टा तथा हजारीबाग की उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।