प्रतिनिधि,जमशेदपुर। बीते 11 मार्च की रात्रि सोनारी थाना अंतर्गत सिनेमा मैदान के पास कार सवार आरोपियों ने सोनारी बैरझाबड़ा बस्ती निवासी दीपक कुमार सिंह को गोली मार दी थी,जिसके बाद घायल को परिजन इलाज के लिए टीएमएच लेकर पहुंचे और जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसके शरीर से दो गोलियां भी निकाली। फिलहाल वह खतरे से बाहर है।यह पूरा मामला पुलिस के लिए अंधेरे में सुई ढूंढने जैसा था।वहीं मामले में घायल के परिजनों ने भी पुलिस की कोई सहायता नहीं की। मगर पुलिस ने अपनी सूझबूझ से इस पूरे मामले का खुलासा किया। वहीं जिसमें पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ-साथ टेक्निकल सेल की सहायता भी ली।





मामले में पुलिस टीम ने मिली गुप्त सूचना के आधार पर बिहार आरा के नवादा जिले में छापेमारी कर दो शूटर को गिरफ्तार किया,जिसमें नवादा भोजपुर मौला बाग गांव शंकर मंदिर के पास रहने वाला कुख्यात अपराधी नवनीत कुमार उर्फ लोहा यादव और बिहार भोजपुर उद्धंत नगर दक्षिण अकौन जीरो माइल भीएस मॉल के पास रहने वाला अक्षय सिंह उर्फ बाला शामिल है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त देसी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस समेत दो मोबाइल भी बरामद किया है। जबकि मामले में साजिशकर्ता रोहित सिंह समेत अन्य दो शूटर फरार है।





रविवार को पुलिस ऑफिस में प्रेसवार्ता का आयोजन कर एसपी सिटी के. विजय शंकर ने बताया कि वर्ष 2019 में घायल दीपक कुमार सिंह ने रोहित सिंह की शादी करवाई थी। दोनों आपस में रिश्तेदार हैं। मगर किसी कारणवश 6 माह बाद ही रोहित का उसकी पत्नी के साथ तलाक हो गया,जिसके लिए रोहित ने दीपक को ही जिम्मेदार ठहराया। शादी से पहले युवती का किसी और युवक के साथ प्रेम संबंध था,जिसके कारण युवती ने 6 माह बाद ही रोहित से तलाक ले लिया,जिससे रोहित सिंह को लगा कि इस बारे में अगुआ बने रिश्तेदार दीपक कुमार सिंह को सारी जानकारी थी। मगर उसने अंधेरे में रखकर उसकी शादी उक्त युवती से करवा दी, जिसके बाद रोहित ने मन ही मन दीपक से बदला लेने की ठान ली। बदला लेने के लिए रोहित सिंह ने बिहार के शूटरों से संपर्क साधा और उन्हें दीपक सिंह की हत्या करने के लिए 3 लाख रुपए की सुपारी दी,जिसमें से 1.5 लाख रुपए बतौर एडवांस रोहित ने पहले ही शूटरों को दे दिया और बाकी काम होने के बाद देने की बात कही।





घटना से एक माह पहले रोहित ने बिहार से शूटरों को शहर बुलाकर दीपक कुमार सिंह की पहचान करवाई,जिसके पास शूटर हथियार बंदोबस्त करने के लिए वापस बिहार चले गए। वहीं घटना से पहले रोहित भी बिहार के नवादा गया। जहां से सारा इंतजाम करने के बाद 11 मार्च घटना से दो दिनों पहले वह शूटरों के साथ शहर पहुंचा। लोहा यादव और एक अन्य शूटर बस से शहर पहुंचे। जबकि रोहित अक्षय सिंह और एक अन्य शूटर के साथ मारुति 800 कार से शहर पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद रोहित ने शूटरों के ठहरने का इंतजाम साकची स्थित अशोका इन होटल में किया,जिसके बाद घटना से एक दिन पहले ही रोहित ने शूटरों के साथ कार पर सवार होकर दीपक कुमार सिंह की रेकी भी की। वहीं 11 मार्च घटना की रात्रि दीपक कुमार सिंह बाजार से पैदल घर की तरफ लौट रहा था। उसके पीछे-पीछे रोहित सिंह भी पैदल चल रहा था। जबकि उसके पीछे कार पर सवार चारों शूटर भी हथियार के साथ चल रहे थे। जैसे ही दीपक सिनेमा मैदान के पास पहुंचा। वैसे ही रोहित ने कार सवार शूटरों को इशारा कर वहां से निकल गया,जिसके बाद शूटरों ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ दीपक सिंह के ऊपर फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद दीपक कुछ दूर जाकर जमीन पर गिर गया,जिसके बाद सभी शूटर वहां से रातो रात बिहार नवादा के लिए कार से ही फरार हो गए। वहीं साजिशकर्ता रोहित सिंह महाराष्ट्र के पुणे भाग गया। फिलहाल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी भी कर रही है। छापेमारी दल में सोनारी थाना प्रभारी विष्णु प्रसाद राउत, एसआई अंचित कुमार, पंकज कुमार सिंह, मोहन कुमार सिंह, कुलदीप कुमार मेहता समेत सशस्त्र पुलिस बल शामिल थी।