चरखी दादरी: डिजिटल दुनिया में सावधानी हटी और दुर्घटना घटी। हरियाणा की चरखी दादरी साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों ने फेसबुक पर आईफोन का लुभावना विज्ञापन दिखाकर और बाद में नकली पुलिस अधिकारी बनकर एक ग्रामीण से 4.05 लाख रुपये ठग लिए थे।
लुभावने विज्ञापन से जाल में फंसाया
मामला गांव नौसवा निवासी आनंद कुमार से जुड़ा है। पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार के अनुसार, ठगी का सिलसिला अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ। आनंद ने फेसबुक पर एक आईफोन का विज्ञापन देखा, जिसमें दावा किया गया था कि क्लिक करते ही उत्पाद घर पहुंच जाएगा।
पहला कदम: व्हाट्सएप पर संपर्क कर आरोपियों ने 'रिफंडेबल' राशि के नाम पर 2,000 रुपये मांगे।
दूसरा कदम: इसके बाद जीएसटी और अन्य शुल्कों के बहाने बार-बार पैसे ऐंठते रहे।
'विक्रम राठौड़' बनकर दी मुकदमे की धमकी
जब आनंद ने और पैसे देने में झिझक दिखाई, तो ठगों ने पैंतरा बदला। 18 अक्टूबर को आनंद के पास एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी 'विक्रम राठौड़' बताया। ठग ने डराया कि समय पर पैसे न देने के कारण आनंद का खाता फ्रीज हो गया है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है। मुकदमे के डर से आनंद ने किस्तों में कुल 3.27 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए।
ऐसे हुआ गिरोह का पर्दाफाश
जब ठगों ने एक लाख रुपये की और मांग की, तब आनंद को शक हुआ और उन्होंने परिजनों को इसकी जानकारी दी। पुलिस जांच में पता चला कि पैसे दिल्ली के पहाड़गंज निवासी दिशान्त के खाते में जा रहे थे।
साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पहले दिशान्त को दबोचा।
इसके बाद लक्ष्य उर्फ लक्की की गिरफ्तारी हुई, जिसके खाते में ठगी के 25 हजार रुपये पहुंचे थे।
ताजा कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य कड़ी राजेश मीणा (निवासी दिल्ली) को भी गिरफ्तार कर लिया है, जो कमीशन पर दूसरों के बैंक खाते लेकर ठगी का पैसा रूट करता था।
"साइबर अपराधी अब सीधे पैसे मांगने के बजाय कानूनी कार्रवाई और जांच एजेंसियों का डर दिखाकर ठगी कर रहे हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही फोन पर अपनी वित्तीय जानकारी साझा करें।" — पुलिस प्रवक्ता, चरखी दादरी
वर्तमान स्थिति: पुलिस ने आरोपी राजेश मीणा को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क का पता लगाया जा सके। वहीं, अन्य दो आरोपियों (लक्ष्य और दिशान्त) को अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।





