रायचूर (कर्नाटक): कर्नाटक के रायचूर जिले से एक बेहद चिंताजनक और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ स्कूल-कॉलेज की परीक्षाएं खत्म होने और गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही नाबालिग लड़कियों के प्रेम-प्रसंग के जाल में फंसकर लापता होने के मामलों में अचानक तेजी आई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने माता-पिता को विशेष तौर पर सजग रहने की चेतावनी दी है।
वर्तमान में जिले के विभिन्न पुलिस थानों में इस तरह के कुल 19 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे अभिभावकों में भारी चिंता का माहौल है।
दोस्तों के घर का बहाना और कैश लेकर फरार
जांच में सामने आया है कि हर साल एसएसएलसी (SSLC) और पीयूसी (PUC) की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद इस तरह की घटनाओं में ग्राफ बढ़ता है।
लड़कियां अपने माता-पिता से झूठ बोलकर या सहेलियों के घर जाने का बहाना बनाकर घर से निकलती हैं और साथ में नकदी (कैश) लेकर फरार हो जाती हैं। माता-पिता जब दिन-रात तलाश करने के बाद भी नाकाम रहते हैं, तब जाकर पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई जाती है।
एसपी की अभिभावकों से भावुक अपील: 'कानूनन यह अपहरण है'
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायचूर के एसपी अरुणंगशु गिरि ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
13 मामलों में जांच जारी: "अब तक दर्ज 19 मामलों में से 6 लड़कियों का सुराग लगा लिया गया है, जबकि शेष 13 मामलों में पुलिस की टीमें लगातार तलाश कर रही हैं।"
वयस्कों पर होगी सख्त कार्रवाई: एसपी ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की को यदि कोई वयस्क युवक अपने साथ ले जाता है, तो कानून की नजर में वह 'अपहरण' (Kidnapping) का मामला माना जाता है।
अभिभावक बढ़ाएं संवाद: उन्होंने माता-पिता और परिवार के सदस्यों से आग्रह किया है कि वे छुट्टियों के दौरान बच्चों की बदलती मानसिकता को समझें, उनके व्यवहार पर नजर रखें और उनके साथ दोस्ताना माहौल में उचित काउंसलिंग (परामर्श) करें।
स्कूलों और कॉलेजों में पुलिस का 'विशेष जागरूकता अभियान'
इस सामाजिक और कानूनी समस्या से निपटने के लिए रायचूर पुलिस विभाग अब बैकफुट के बजाय फ्रंटफुट पर आकर काम कर रहा है:
एंटी-रोमियो और जागरूकता विंग: संबंधित पुलिस थानों के अंतर्गत आने वाले स्कूलों और कॉलेजों में छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
कड़े कानून का पाठ: कानूनी अधिकारियों के साथ बैठक कर पुलिस ने एक रूपरेखा तैयार की है, जिसके तहत प्रेम के नाम पर नाबालिगों को फुसलाने वाले वयस्कों को कानून के तहत मिलने वाली कठोर सजाओं (जैसे पॉक्सो और अपहरण की धाराएं) के बारे में जागरूक और सचेत किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि सिर्फ कानूनी कार्रवाई से इसे नहीं रोका जा सकता, इसके लिए समाज और अभिभावकों का जागरूक होना सबसे पहली जरूरत है।





