भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में आयोजित 'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशा मुक्ति किसी एक विभाग या सरकार का काम नहीं, बल्कि यह पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य और सामाजिक सम्मान बिगाड़ता है, बल्कि पूरे के पूरे परिवार को तबाह कर देता है।

दो भाइयों के दर्दनाक हादसे का जिक्र

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने नशे के दुष्परिणामों को रेखांकित करने के लिए हाल ही में घटी एक दुखद घटना का जिक्र किया:

"नशे की लत में आकर हाल ही में दो सगे भाइयों ने एक-दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया, जिसमें एक भाई की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है। हमारी युवा शक्ति को अपनी ऊर्जा पहचाननी होगी और नशे जैसी लत से खुद को दूर रखकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना होगा।"

'लाल सलाम' के बाद अब नशे का खात्मा

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में पिछले एक महीने से नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है।

नक्सलवाद पर नकेल और नशे का कनेक्शन: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह देश से नक्सलवाद का सफाया किया गया, ठीक उसी तरह अब नशे के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों (जैसे मंडला, बालाघाट, डिंडोरी) में कभी नक्सलवाद था, वहां नशे की खेप पहुंचाई जाती थी। आज हमने 'लाल सलाम' को आखिरी सलाम कह दिया है और अब 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त करने का संकल्प लिया है।

ठोस कदम: राज्य सरकार ने जनहित और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के 19 धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी लागू की है।

सनातन संस्कृति और मानव जीवन का महत्व

सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति 'जीयो और जीने दो' तथा प्रकृति से प्रेम का संदेश देती है। ईश्वर ने हमें 84 लाख योनियों के बाद यह मानव शरीर दिया है। इस शरीर की साधना से परमात्मा को पाया जा सकता है। इसलिए हमें अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार का उपयोग भारत को विश्व गुरु बनाने में करना चाहिए, न कि इसे नशे में व्यर्थ करना चाहिए।

मुख्यमंत्री द्वारा दिलाई गई संकल्प-शपथ

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह और युवाओं को निम्नलिखित संकल्प दिलाया:

व्यक्तिगत संकल्प: किसी भी रूप में या किसी भी उद्देश्य से नशीले या मादक पदार्थों का सेवन न करना।

सामाजिक जागरूकता: अपने परिवार, मित्रों, पड़ोसियों और परिचितों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना।

सशक्त युवा शक्ति: नशामुक्त युवा और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय और पूर्ण योगदान देना।