मथुरा।
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन थाना पुलिस ने धर्म की आड़ में युवतियों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले एक बेहद शातिर और पढ़े-लिखे फर्जी साधु को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन प्रवचन और भजन-कीर्तन के बहाने कॉर्पोरेट जगत की हाई पैकेज वाली युवतियों को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद उन्हें नशीला पदार्थ पिलाकर उनके साथ दुष्कर्म करता और अश्लील वीडियो-फोटो बनाकर लाखों रुपये की ब्लैकमेलिंग करता था। पुलिस ने आरोपी के चंगुल से दो युवतियों और एक बच्चे को सकुशल मुक्त कराया है।
छत्तीसगढ़ की छात्रा से दरिंदगी के बाद खुला राज
यह खौफनाक मामला तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ की रहने वाली बीएससी नर्सिंग तृतीय सेमेस्टर की एक छात्रा ने अपने पिता के साथ मथुरा पहुंचकर एसएसपी श्लोक कुमार से न्याय की गुहार लगाई।
घटनाक्रम: पीड़िता 15 मई को अपनी बहन के पास मथुरा आई थी, जो राधाकुंड में IOCL में इंटर्नशिप कर रही थी।
वारदात: 15 मई की रात कथित साधु 'अभिषेक मिश्रा' ने पीड़िता को भगवान का प्रसाद बताकर नशीला दूध पिला दिया। जब वह अचेत हो गई, तो आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
ब्लैकमेलिंग: पीड़िता जब वापस अपने घर छत्तीसगढ़ पहुंची, तो आरोपी ने उसे वीडियो कॉल कर 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और पैसे न देने पर अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
20 लाख का पैकेज छोड़ बना 'फर्जी बाबा'
एसएसपी के आदेश पर 25 मई को गोवर्धन थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। जब पुलिस ने तफ्तीश शुरू की, तो आरोपी के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए:
मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला आरोपी अभिषेक मिश्रा उर्फ 'अधिकार्ता नारायण दास' कोई साधारण अपराधी नहीं है। उसने साल 2021 में रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक (B.Tech) की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद वह एक नामी कंपनी में 20 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी कर रहा था। लेकिन जल्द ही वह नौकरी छोड़कर पिछले तीन साल से राधाकुंड में फर्जी साधु का चोला पहनकर रहने लगा।
कमाई की रकम से बनाया 'अय्याशी का आश्रम'
पढ़ा-लिखा होने के कारण अभिषेक सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का बखूबी इस्तेमाल करता था। वह बड़ी कंपनियों में अच्छे पैकेज पर काम करने वाली पढ़ी-लिखी युवतियों को टारगेट करता था। उन्हें अपने पास बुलाकर नशीला पदार्थ देता और उनके निजी पल कैमरे में कैद कर लेता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि ब्लैकमेलिंग से ऐंठे गए लाखों रुपयों से उसने राधाकुंड में एक आलीशान मकान खरीदा था, जिसे उसने अपने कथित ‘आश्रम’ का नाम दे रखा था।
सोमवार शाम को हुई गिरफ्तारी, कई और शिकार की आशंका
एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम ने सोमवार शाम को आरोपी अभिषेक मिश्रा को राधाकुंड स्थित उसके तथाकथित आश्रम से दबोच लिया है। पुलिस ने मौके से बंधक बनाकर रखी गईं दो युवतियों और एक बालक को सुरक्षित मुक्त कराया है, जिन्हें उपचार और काउंसलिंग के लिए नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है। पुलिस अब आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह अब तक कितनी और युवतियों को अपनी हवस और ब्लैकमेलिंग का शिकार बना चुका है।





