भोपाल।
मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बेहद बड़ी और लंबे समय से प्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। राज्य की डॉ. मोहन यादव सरकार कर्मचारियों को अब तक की सबसे बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। मई 2016 से कानूनी और प्रशासनिक दांवपेचों के कारण ठप पड़ी पदोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद इसका मार्ग प्रशस्त करते हुए इस पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है।
'पदोन्नति नियम-2025' को कैबिनेट की मंजूरी, 15 दिनों में एक्शन
हाल ही में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने 'मध्य प्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम-2025' को सर्वसम्मति से अपनी मंजूरी दे दी है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इन नए नियमों को धरातल पर जल्द से जल्द लागू करने पर विशेष जोर दिया। सरकार के कड़े रुख के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों और सभी विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर योग्य कर्मचारियों को पदोन्नति की पहली सूची देखने को मिल सकती है।
4.50 लाख से अधिक सेवकों में खुशी की लहर
सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से प्रदेश के 4.50 लाख से अधिक सरकारी सेवकों का सीधा फायदा होगा। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में मई 2016 से प्रमोशन पूरी तरह से बंद पड़े थे। इस गतिरोध के चलते पिछले 10 वर्षों में लाखों कर्मचारी बिना किसी पदोन्नति का लाभ पाए ही सेवा-निवृत्त (रिटायर्ड) हो गए, जिससे कर्मचारियों में लंबे समय से निराशा का माहौल था। सरकार के इस कदम से अब उन अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी की लहर है, जो सालों से एक ही पद पर काम कर रहे थे।
एक नजर में पूरा मामला: क्यों खास है यह फैसला?
दशकों का इंतजार खत्म: राज्य में पिछले करीब 10 सालों से बंद पड़ी पदोन्नति प्रक्रिया को नए नियमों के साथ पुनर्जीवित किया गया है।
मिशन मोड पर विभाग: कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही सभी प्रशासनिक विभागों ने क्रेडेशन लिस्ट और योग्य उम्मीदवारों का डेटा खंगालना शुरू कर दिया है।
समयबद्ध कार्रवाई: मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि अगले दो सप्ताह के भीतर प्रमोशन की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जाए।
सियासी और प्रशासनिक गलियारों का रुख:
इस फैसले को मोहन यादव सरकार का कर्मचारियों के हित में अब तक का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। नए साल के इस कानूनी ढांचे (नियम-2025) के लागू होने से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा आएगी, बल्कि सालों से उपेक्षित महसूस कर रहे सरकारी तंत्र का मनोबल भी सातवें आसमान पर होगा।





