गोपालगंज: उत्तर बिहार के प्रसिद्ध शक्तिपीठ थावे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। हाल ही में मंदिर परिसर में हुई चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने यहाँ चार अत्याधुनिक 'वॉच टावर' बनाने का निर्णय लिया है, जिनका निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है।

चारों दिशाओं से होगी पैनी नजर

थावे मंदिर न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य की आस्था का केंद्र है। मंदिर समिति और श्रद्धालुओं की सुरक्षा की मांग को देखते हुए पुलिस ने मंदिर की चारों दिशाओं में इन ऊंचे टावरों का निर्माण शुरू कराया है।

24 घंटे तैनाती: इन टावरों पर पुलिस के जवान अत्याधुनिक उपकरणों के साथ 24 घंटे तैनात रहेंगे।

त्वरित कार्रवाई: परिसर के हर कोने पर ऊंचाई से नजर रखी जाएगी, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पलक झपकते ही कार्रवाई की जा सकेगी।

एसपी विनय तिवारी का सुरक्षा विजन

पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बताया कि नवरात्र और त्योहारों के समय यहाँ उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने कहा:

"हमारी प्राथमिकता सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण प्रदान करना है। वॉच टावरों के साथ-साथ हम सीसीटीवी सर्विलांस और नियमित पुलिस गश्त को भी और अधिक प्रभावी बना रहे हैं।"

दर्शन होंगे आसान, सुगम होगी राह

सुरक्षा के साथ-साथ दर्शन की व्यवस्था को भी 'स्मार्ट' बनाया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत:

कतारबद्ध दर्शन: भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और वॉलिंटियर्स की तैनाती होगी।

स्मार्ट निकास: प्रवेश और निकास के रास्तों को और सुचारु बनाया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की भगदड़ की स्थिति न बने।

मंदिर समिति की सराहना: मंदिर समिति के सदस्यों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि अब श्रद्धालु स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे और आस्था के इस केंद्र पर शांति बनी रहेगी।

थावे मंदिर की सुरक्षा को लेकर उठाया गया यह कदम आस्था और आधुनिक सुरक्षा के बेहतरीन तालमेल का उदाहरण है। अब मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, दोनों ही प्रशासन की सीधी निगरानी में रहेंगे।