ग्लोबल डेस्क:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने साइबर अपराध की दुनिया का दायरा और रफ्तार दोनों को कई गुना बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन (INTERPOL) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि AI साइबर अपराधियों को कोई बिल्कुल नया तरीका देने के बजाय, पहले से इस्तेमाल हो रही धोखाधड़ी, फिशिंग और ठगी की तकनीकों को अधिक तेज, सटीक और बड़े पैमाने पर अंजाम देने में मदद कर रहा है।

इंटरपोल के वैश्विक मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO) Bjorn R. Watne के अनुसार, AI की मदद से अपराधी एक ही समय में लाखों लोगों को निशाना बना रहे हैं। दीपफेक आवाज, नकली वीडियो और सटीक भाषा अनुवाद के चलते अब असली और फर्जी बातचीत के बीच अंतर पहचानना बेहद मुश्किल हो गया है।

कंपनियां कैसे बचाएं अपना डेटा और सिस्टम?

इंटरपोल की हालिया साइबर थ्रेट रिपोर्ट के मुताबिक, हर कंपनी को सभी खतरों से एक साथ निपटने के बजाय अपनी प्राथमिकताओं को तय करना चाहिए:

  1. क्रिटिकल डेटा की पहचान: कंपनियां सबसे पहले अपने उस महत्वपूर्ण डेटा, सिस्टम और सेवाओं की पहचान करें, जिनके ठप या चोरी होने से उनके कारोबार पर सबसे गंभीर असर पड़ सकता है।
  2. संभावित हमलावरों को समझें: यह देखें कि आपकी कंपनी के डेटा को चुराने में किस तरह के हैकर्स या संगठित आपराधिक समूहों की रुचि हो सकती है। उसी के अनुरूप अपनी सुरक्षा दीवार खड़ी करें।
  3. कस्टम सिक्योरिटी प्लान: हर कंपनी के लिए एक जैसा सुरक्षा ढांचा (One-size-fits-all) सही नहीं होता। सामान्य ऑनलाइन ठगी और संगठित एडवांस साइबर हमलों से निपटने के लिए अलग-अलग रणनीतियों की जरूरत होती है।

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शीर्ष प्रबंधन (Top Management) को भी समझना होगा खतरा

Watne ने चिंता जताते हुए कहा कि कई कंपनियों में साइबर सुरक्षा अभी भी बोर्डरूम और शीर्ष अधिकारियों के फैसलों का मुख्य हिस्सा नहीं बन पाई है। आज लगभग हर बिजनेस IT पर निर्भर है, इसलिए केवल एक अलग सुरक्षा टीम बना देना काफी नहीं है। कंपनी के बड़े अधिकारियों को खुद समझना होगा कि कौन सा डेटा सबसे संवेदनशील है और उसकी सुरक्षा के लिए कितने संसाधनों की आवश्यकता है।

'Agentic AI' और तकनीक पर अंधविश्वास से बढ़ता जोखिम

  • Agentic AI का नया खतरा: पारंपरिक AI केवल जानकारी देता है, लेकिन 'Agentic AI' यूजर की ओर से खुद काम या कार्रवाई (Action) कर सकता है। यदि ऐसे सिस्टम को गलत निर्देश या इनपुट मिलता है और वह खुद कोई गलत कदम उठा लेता है, तो भौतिक मशीनों, गाड़ियों या डेटाबेस को भारी नुकसान हो सकता है।
  • तकनीक पर बढ़ता भरोसा: लोग बैंकिंग में तो सतर्कता बरतते हैं, लेकिन नए ऐप्स और एआई टूल्स को बिना सोचे-समझे सभी परमिशन दे देते हैं। बिना जांच-परख के AI पर यह अत्यधिक भरोसा भारी पड़ सकता है।

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निष्कर्ष एवं मुख्य सीख

एआई के दौर में कंपनियों को साइबर हमलों से बचने के लिए सक्रिय सुरक्षा (Proactive Defense), थ्रेट इंटेलिजेंस शेयरिंग और मजबूत कंट्रोल मैकेनिज्म अपनाना होगा। किसी भी AI सिस्टम को स्वायत्त कार्रवाई (Autonomous Action) का अधिकार देने से पहले उसकी कड़ी निगरानी और सुरक्षा जांच करना अनिवार्य है।

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