पटना | बिहार की सियासत में आज एक युग का अंत और नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। लंबे समय तक बिहार की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार अब राज्य की सक्रिय राजनीति को अलविदा कहकर दिल्ली का रुख कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, वे आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
नीतीश कुमार के इस फैसले के साथ ही बिहार में अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
अगले मुख्यमंत्री की रेस में ये 5 दिग्गज सबसे आगे
नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के रूप में भाजपा के पांच कद्दावर नेताओं के नामों की चर्चा जोरों पर है:
सम्राट चौधरी: वर्तमान डिप्टी सीएम और बिहार बीजेपी के कद्दावर नेता। ओबीसी (कुशवाहा) समाज में गहरी पकड़ और नीतीश विरोधी मुखर राजनीति के कारण वे इस रेस में सबसे आगे हैं।
नित्यानंद राय: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष। उन्हें बिहार में बीजेपी के सबसे बड़े 'यादव चेहरे' के रूप में देखा जाता है।
दिलीप जायसवाल: बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान सरकार में मंत्री। कलवार (EBC) समुदाय से आने वाले जायसवाल की सांगठनिक पकड़ उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती है।
विजय कुमार सिन्हा: अनुभवी नेता और वर्तमान डिप्टी सीएम। विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उनके अनुभव और सवर्ण मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता उन्हें रेस में बनाए हुए है।
संजीव चौरसिया: पटना के दीघा से विधायक और युवा चेहरा। संगठन में गहरी निष्ठा और स्थानीय स्तर पर उनकी पकड़ के कारण वे डार्क हॉर्स साबित हो सकते हैं।
नीतीश का 'दिल्ली' जाना क्यों है खास?
सम्मानजनक विदाई: माना जा रहा है कि 75 वर्षीय नीतीश कुमार को केंद्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
बीजेपी का बढ़ता कद: 2025 विधानसभा चुनावों में बीजेपी के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बाद से ही बिहार में 'बीजेपी सीएम' की मांग उठ रही थी।
बदलते समीकरण: नीतीश के साथ उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की भी चर्चा है, जिन्हें डिप्टी सीएम पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
आज की बड़ी हलचल
नामांकन: अमित शाह आज पटना पहुँच रहे हैं, जहाँ वे नीतीश कुमार और बीजेपी उम्मीदवार नितिन नवीन के नामांकन में शामिल होंगे।
विधायक दल की बैठक: नामांकन के बाद जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें नीतीश कुमार अपने इस्तीफे और भविष्य की रणनीति का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं।
बिहार के लिए यह क्षण ऐतिहासिक है क्योंकि पिछले दो दशकों से राज्य की सत्ता के केंद्र रहे नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में एनडीए के लिए नई भूमिका निभाएंगे।





