कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विकास और सुशासन की दिशा में अपने कदम बढ़ा दिए हैं। सोमवार को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की तस्वीर बदलने वाले 6 बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार 'डबल-इंजन' की ताकत से बंगाल के रुके हुए विकास कार्यों को गति देगी।

युवाओं को बड़ी सौगात: सरकारी नौकरी की उम्र सीमा बढ़ी

बेरोजगार युवाओं के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा ऐलान किया है। अब राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन की अधिकतम उम्र सीमा में 5 साल की वृद्धि कर दी गई है। यह फैसला उन हजारों युवाओं के लिए संजीवनी साबित होगा जो पिछले कुछ वर्षों में अवसरों की कमी के कारण ओवरएज हो रहे थे।

सुरक्षा और स्वास्थ्य पर सीधा प्रहार

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और जन-स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

BSF को जमीन हस्तांतरण: सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबित जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य रखा है कि 45 दिनों के भीतर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंप दी जाएगी।

आयुष्मान भारत का आगाज: लंबे समय से प्रतीक्षित 'आयुष्मान भारत योजना' और 'जन आरोग्य योजना' अब बंगाल में भी लागू होगी। राज्य की जनता को अब 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

कैबिनेट के 6 प्रमुख निर्णय: एक नजर में

क्रमफैसलामुख्य बिंदु
1सामाजिक सुरक्षाराजनीतिक हिंसा और अत्याचार के पीड़ितों को पूर्ण सुरक्षा और जिम्मेदारी।
2आयुष्मान भारतकेंद्र की स्वास्थ्य योजना अब पूरे बंगाल में प्रभावी होगी।
3सीमा सुरक्षाBSF को 45 दिनों में बाड़ लगाने हेतु जमीन का हस्तांतरण।
4भारतीय न्याय संहिताराज्य में नए केंद्रीय कानूनों (BNS) को लागू करने की मंजूरी।
5विस्थापितों को अधिकारशरणार्थियों और विस्थापितों को भूमि का मालिकाना हक दिया जाएगा।
6अधिकारियों की ट्रेनिंगIAS/IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजा जाएगा।

"शहीदों" के परिवारों को मिलेगा न्याय

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी इस दौरान भावुक भी दिखे। उन्होंने कहा, "हमारे संघर्ष के दौरान जिन 321 लोगों की जान गई, उनके परिवार अगर चाहें तो सरकार उन मामलों की निष्पक्ष जांच शुरू करेगी।" इसके साथ ही उन्होंने चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों और बंगाल की जनता का आभार व्यक्त किया।

प्रशासनिक सुधार पर जोर

सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को और अधिक कुशल बनाने के लिए मुख्य सचिव को अधिकार दिया है कि वे राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को जल्द से जल्द शुरू करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने इन महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रमों की अनदेखी की थी, जिसे अब दुरुस्त किया जाएगा।

निष्कर्ष: पहली ही बैठक में लिए गए इन कड़े और जनहितैषी फैसलों से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह संकेत दे दिया है कि उनकी सरकार 'जीरो टॉलरेंस' और 'सर्वांगीण विकास' की नीति पर काम करने के लिए तैयार है।