बेंगलुरु/अनेकल। कर्नाटक के अनेकल में एक रियल एस्टेट कारोबारी के अपहरण और हत्या के मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए मृतक के पूर्व बिजनेस पार्टनर मोहन बाबू समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हत्या के पीछे व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता के साथ-साथ 'काले जादू' का अंधविश्वास मुख्य वजह बनकर सामने आया है।
फिल्मी अंदाज में बीच रास्ते से अपहरण
यह वारदात रविवार शाम करीब 7 बजे उस समय हुई जब कारोबारी गोपाल अपने दोस्त सतीश के साथ एसयूवी से जा रहे थे। अनेकल के पास एक मिनी-गुड्स गाड़ी ने जानबूझकर उनकी कार को टक्कर मारी। जैसे ही गोपाल और सतीश नीचे उतरे, हमलावरों ने सतीश की आंखों में कोई रसायन (Chemical) झोंक दिया और गोपाल को जबरन अपनी गाड़ी में डालकर फरार हो गए।
अगली सुबह तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में सड़क किनारे गोपाल का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
दोस्त ही निकला जान का दुश्मन: शक की खौफनाक वजह
पुलिस जांच और मृतक की पत्नी स्वाति के बयानों ने इस हत्याकांड की कड़ियां जोड़ीं। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोहन बाबू को गहरा शक था कि गोपाल उसके खिलाफ 'काला जादू' करवा रहा है।
व्यापारिक जलन: पिछले पांच वर्षों से गोपाल स्वतंत्र रूप से सौदे कर रहा था और भारी मुनाफा कमा रहा था।
अंधविश्वास का जाल: मोहन बाबू को लगता था कि उसके रियल एस्टेट बिजनेस में हो रहा नुकसान गोपाल के तंत्र-मंत्र के कारण है।
पुरानी रंजिश: पत्नी स्वाति के अनुसार, पिछले साल भी मोहन ने गोपाल पर हमला किया था, लेकिन तब दबाव के कारण मामला दर्ज नहीं कराया गया था।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 8 गिरफ्तार
अनेकल पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मंगलवार देर रात तमिलनाडु के कृष्णागिरी में एक ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस ने मोहन बाबू सहित कुल आठ लोगों को दबोचा है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का बयान: "आरोपी मोहन बाबू, गोपाल की बढ़ती साख और मुनाफे से असुरक्षित महसूस कर रहा था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।"





