पटना,
बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र आज हंगामे और भारी सियासी सरगर्मियों के बीच शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन महागठबंधन के कड़े विरोध और नारेबाजी के बीच सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधायी व वित्तीय कार्य निपटाए। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के प्रारंभिक संबोधन से शुरू हुई सदन की कार्यवाही में नवनिर्वाचित सदस्यों के मनोनयन और विभिन्न समितियों के गठन जैसी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद शोक प्रस्ताव के साथ ही सदन की कार्यवाही को कल (मंगलवार) तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
वित्त मंत्री ने पेश किया 87 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट
सत्र के पहले दिन का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा वित्तीय कार्य रहा। बिहार के वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक व्यय विवरण (अनुपूरक बजट) सदन के पटल पर रखा। यह अनुपूरक बजट लगभग 87,000 करोड़ रुपये का है, जिसे आगामी विकास कार्यों और योजनाओं के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इसके साथ ही राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेशों की प्रतियां भी सदन में प्रस्तुत की गईं।
नीट पेपर लीक और अपराध पर विपक्ष का प्रदर्शन
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही परिसर में सियासी तापमान बढ़ गया था। महागठबंधन के विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर देश में हाल ही में हुए नीट (NEET) पेपर लीक मामले और बिहार में बढ़ते अपराध ग्राफ को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी सदस्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े थे। सदन के भीतर भी विपक्ष ने जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।
तेजस्वी के 'गायब' होने पर एनडीए का तीखा पलटवार
विपक्ष के हंगामे का जवाब देते हुए सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विधायकों ने भी मोर्चा खोल दिया। एनडीए सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विदेश दौरे को लेकर महागठबंधन को घेरा। सत्तापक्ष के विधायकों ने सवाल दागा कि "आखिर नेता प्रतिपक्ष बिहार से कब तक गायब रहेंगे? उनके आने की तारीख विपक्ष क्यों नहीं बताता?" दोनों पक्षों के बीच बढ़ते गतिरोध को देखते हुए स्पीकर प्रेम कुमार ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद विधायक शांत हुए।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का जन्मदिन और सदन में डेब्यू
आज का दिन बिहार के नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के लिए बेहद खास रहा। एक तरफ आज उनका जन्मदिन था, जिसके चलते विधान परिषद् में उनका विशेष स्वागत किया गया, तो दूसरी तरफ सदन के सदस्य के तौर पर यह उनका पहला दिन था।
सत्र की शुरुआत से पहले मंत्री निशांत कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से शिष्टाचार मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा, "विधानसभा और विधान परिषद में आज मेरा पहला दिन है। अध्यक्ष प्रेम कुमार जी एक बेहद अनुभवी नेता हैं और मेरे पिता के भी काफी करीबी रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में काम करना मेरे लिए सीखने का एक बड़ा अवसर है।"
पहले दिन इन औपचारिकताओं पर लगी मुहर:
बिहार विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के तहत अस्थायी सदस्यों का मनोनयन।
कार्य-मंत्रणा समिति के गठन के प्रस्ताव को सदन की मंजूरी।
दोनों सदनों के बीच पारित अनुपूरक मांगों से संबंधित संदेशों का विवरण और विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन का उपस्थापन।
सत्र के पहले दिन जरूरी विधायी काम पूरे होने के बाद दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए शोक प्रस्ताव पारित किया गया और विधानसभा की कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए बढ़ा दिया गया। कल से सदन में बजट और अन्य नीतिगत मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं।





