महाराष्ट्र; देश में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) की आहट ने एक बार फिर पोल्ट्री व्यवसाय और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के नवापुर तालुका में बड़े पैमाने पर मुर्गियों के संक्रमित होने की पुष्टि के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हजारों मुर्गियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने का निर्णय लिया गया है, जिससे क्षेत्र के पोल्ट्री संचालकों में हड़कंप मच गया है।
नवापुर: संक्रमण का केंद्र और प्रशासनिक कार्रवाई
नवापुर के तीन प्रमुख पोल्ट्री फार्मों के सैंपल इंदौर की लैब में पॉजिटिव पाए जाने के बाद कलेक्टर मित्ताली सेठी ने 'किलिंग' (मुर्गियों को मारने) के आदेश दिए हैं।
बड़ा एक्शन: आज शुक्रवार से प्रभावित पोल्ट्री फार्मों के 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाली लगभग 1 लाख 40 हजार मुर्गियों को मारा जाएगा।
सुरक्षा घेरा: प्रशासन ने संक्रमण रोकने के लिए 3 किलोमीटर का कंटेनमेंट जोन और 5 किलोमीटर का बफर जोन निर्धारित किया है।
सख्ती: लापरवाही बरतने वाले पोल्ट्री फार्म संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इतिहास दोहरा रही है त्रासदी
नवापुर क्षेत्र, जो गुजरात की सीमा से सटा है, वहां करीब 10 लाख मुर्गियां हैं। संक्रमण का खतरा इसलिए भी अधिक है क्योंकि यहाँ पहले भी तबाही मच चुकी है:
इससे पहले 2006 और 2021 में भी यहाँ बर्ड फ्लू का भीषण प्रकोप देखा गया था।
तब भी लाखों मुर्गियों और अंडों को नष्ट करना पड़ा था, जिससे करोड़ों का आर्थिक नुकसान हुआ था।
मुआवजे का भरोसा: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन पोल्ट्री फार्मों को इस कार्रवाई से नुकसान होगा, उनकी सूची शासन को भेजी जाएगी ताकि नियमानुसार उन्हें वित्तीय सहायता मिल सके।
आम जनता के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
पशुपालन विभाग ने संक्रमण के खतरे को देखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी बरतें:
पूरी तरह पकाएं: चिकन और अंडे का सेवन करते समय सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मांस और अंडों को उच्च तापमान पर अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।
साफ-सफाई: कच्चे मांस को संभालते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
सतर्कता: यदि आसपास पक्षियों की संदिग्ध मौत दिखाई दे, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।
रेस्क्यू और मॉनिटरिंग अपडेट
| क्षेत्र/इकाई | स्थिति |
|---|---|
| किलिंग जोन | संक्रमित फार्म से 1 किमी का दायरा |
| मुर्गियों की संख्या | 1,40,000 (नष्ट की जाने वाली) |
| समिति का गठन | तालुका स्तर पर विशेष निगरानी टीम तैनात |
| अन्य जिले | पड़ोसी जिलों में हाई अलर्ट जारी |
निष्कर्ष: नवापुर में बढ़ता संक्रमण एक बड़ी आर्थिक और स्वास्थ्य चुनौती पेश कर रहा है। प्रशासन का मुख्य फोकस अब उन 10 लाख मुर्गियों को बचाना है जो अभी सुरक्षित हैं, जिसके लिए सैंपलिंग और सैनिटाइजेशन का काम युद्धस्तर पर जारी है।





