चंडीगढ़ | चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में मिले एक लावारिस कंकाल की गुत्थी सुलझ गई है। कपड़ों और हाथ में पहनी अंगूठी के आधार पर परिजनों ने इसकी पहचान 21 वर्षीय आरती के रूप में की है, जो बीते 11 फरवरी से लापता थी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अब चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
शनिवार दोपहर इंडस्ट्रियल एरिया में हॉर्टिकल्चर (उद्यान) विभाग के कर्मचारी घास काट रहे थे, तभी उन्हें झाड़ियों के बीच एक नरकंकाल पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि कंकाल किसी युवती का है जिसकी उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच रही होगी।
सोशल मीडिया बना शिनाख्त का जरिया
आरती के परिजनों ने बताया कि उन्हें इस कंकाल के बारे में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से पता चला। वीडियो देखने के बाद उन्हें अनहोनी की आशंका हुई और वे खुद इंडस्ट्रियल एरिया थाने पहुंचे। पुलिस ने उन्हें सेक्टर-16 स्थित अस्पताल की मोर्चरी ले जाकर कंकाल दिखाया, जहाँ कपड़ों और अंगूठी के जरिए पहचान सुनिश्चित की गई।
परिजनों का गंभीर आरोप: "पुलिस कहती रही- बालिग है, खुद आ जाएगी"
बापूधाम कॉलोनी की रहने वाली आरती 11 फरवरी को घर से निकली थी और फिर वापस नहीं लौटी। 17 फरवरी को सेक्टर-26 थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों का आरोप है कि:
पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और इसे महज एक बालिग लड़की के मर्जी से कहीं जाने का मामला मानकर टालती रही।
परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी थी कि आरती को ट्रांसपोर्ट लाइट पॉइंट के पास एक पिकअप गाड़ी में देखा गया है, लेकिन पुलिस ने न तो वहां के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और न ही अन्य थानों को फोटो भेजी।
हत्या की आशंका, फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
आरती के परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सक्रिय होती, तो शायद आरती आज जीवित होती।
वर्तमान स्थिति:
पुलिस अब फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों और समय का पता लगाया जा सके।
परिजनों के आरोपों के बाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच और थाना स्तर पर हुई संभावित चूक की समीक्षा कर सकते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर गुमशुदगी के मामलों में पुलिसिया सुस्ती और 'बालिग होने' के तर्क पर होने वाली लापरवाहियों को चर्चा में ला दिया है।





