कोलकाता/माध्यमग्राम | मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव (PS) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में विशेष जांच दल (SIT) को एक 'डिजिटल' सफलता हाथ लगी है। अपराधियों ने फरार होते समय UPI के जरिए टोल का भुगतान किया था, जो अब उनके गले की फांस बन सकता है। हालांकि, घटना के तीन दिन बाद भी मुख्य हमलावर पुलिस की पहुंच से बाहर हैं।
यूपीआई भुगतान बना अहम सुराग
जांच अधिकारियों को जानकारी मिली है कि अपराधियों ने हत्या के बाद जब्त की गई कार से भागते समय बाली टोल ब्रिज पार किया था। इस दौरान उन्होंने टोल टैक्स का भुगतान नकद देने के बजाय यूपीआई (UPI) के माध्यम से किया। पुलिस अब उस बैंक खाते और मोबाइल नंबर की सघन जांच कर रही है, जिससे यह ट्रांजैक्शन हुआ था। अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल सुराग अपराधियों की पहचान उजागर करने में सबसे बड़ी कड़ी साबित होगा।
सुपारी किलर और सटीक हमले की आशंका
पुलिस को संदेह है कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार से पेशेवर शार्प शूटर बुलाए गए थे। इसी सिलसिले में पुलिस की दो टीमें इन दोनों राज्यों के लिए रवाना कर दी गई हैं।
सटीक रेकी: जांच दल का मानना है कि हमलावरों को चंद्रनाथ रथ की कार के भीतर बैठने की सही स्थिति के बारे में पहले से जानकारी थी।
संदिग्ध वाहन: सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक अन्य वाहन की पहचान की गई है, जो घटना के समय पीएस की कार का पीछा कर रहा था।
जांच में बाधा: खराब सीसीटीवी और अंधेरा
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती माध्यमग्राम के दोहारिया-माठपाड़ा इलाके की कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचा है। अपराधियों ने जिस रूट का इस्तेमाल किया, वहां के अधिकांश सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि अपराधियों ने जानबूझकर अंधेरे का इंतजार किया ताकि तेज रफ्तार बाइक या कार का नंबर प्लेट कैमरों में स्पष्ट रूप से दर्ज न हो सके।
अब तक की कार्रवाई: एक नज़र में
हिरासत: पुलिस ने संदेह के आधार पर 3 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
गिरफ्तारी: फिलहाल इस मामले में आधिकारिक तौर पर कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
घटनास्थल: उत्तर 24 परगना के माध्यमग्राम में गुरुवार रात चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
"अपराधियों ने भले ही सीसीटीवी से बचने की कोशिश की हो, लेकिन यूपीआई भुगतान ने एक स्पष्ट रास्ता छोड़ दिया है। हमारी टीमें यूपी और बिहार में स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर रही हैं।"
— पुलिस आधिकारिक सूत्र
इस हत्याकांड ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब जल्द ही शूटरों और इस साजिश के पीछे के मुख्य सूत्रधारों तक पहुँचने का दावा कर रही है।





