मुंबई। महीनों से जारी खींचतान, सड़क पर उतरी कड़वाहट और मुंबई पुलिस की सख्त दखलअंदाजी के बाद आखिरकार सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की नई तस्वीर साफ हो गई है। वरिष्ठ अभिनेत्रियों के बीच मची वर्चस्व की जंग में एक्ट्रेस उपासना सिंह और उनके गुट ने बाजी मारते हुए निर्णायक जीत हासिल की है। 12 सितंबर को हुए चुनावों के नतीजों में उपासना सिंह के पैनल ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे के खेमे को करारी शिकस्त दी। यह चुनावी सफलता एसोसिएशन के भीतर लंबे समय से सुलग रहे असंतोष का सीधा नतीजा मानी जा रही है।

इस्तीफों से कोर्ट के गलियारे तक पहुँचा विवाद

विवाद की शुरुआत अगस्त में तब हुई जब 21 सदस्यीय कार्यकारिणी के 8 निर्वाचित प्रतिनिधियों समेत कुल 11 पदाधिकारियों ने एक साथ इस्तीफा सौंप दिया। तत्कालीन शीर्ष नेतृत्व (पूनम ढिल्लों गुट) पर संस्था को अलोकतांत्रिक ढंग से चलाने और सर्वसम्मति के फैसलों को नजरअंदाज करने के संगीन आरोप लगे थे।

बहुमत खोने के बाद 'फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज' (FWICE) ने नए सिरे से चुनाव कराने का ऐलान किया। हालांकि, पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी और स्टे पाने की कोशिश की, लेकिन कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया।

दस्तावेजों की हेराफेरी पर आधी रात को हंगामा

मतदान से ठीक पहले CINTAA दफ्तर जंग के मैदान में तब्दील हो गया था। उपासना सिंह और कुनिका सदानंद ने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में आधिकारिक और गोपनीय फाइलों को टेंपो और निजी गाड़ियों में लादकर बाहर भेजने की कोशिश की जा रही थी।

घटना के वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसके बाद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर अभिनेत्रियों को अपनी साख का लिहाज रखने तक की नसीहत दे डाली। उपासना सिंह ने इस मामले में वर्सोवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और फॉरेंसिक जांच की मांग उठाई।

बदलाव के पक्ष में आया फैसला

हालांकि पूनम ढिल्लों और उनके सहयोगियों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने का षड्यंत्र करार दिया था, लेकिन शनिवार शाम मतपेटियां खुलते ही सदस्यों का मूड साफ हो गया।

आम सदस्यों ने एसोसिएशन में पारदर्शिता और स्वस्थ संवाद के पक्ष में वोट देकर पुरानी लीडरशिप को दरकिनार कर दिया। अब देखना यह होगा कि सत्ता का यह बदलाव CINTAA के भीतर मची रार को शांत कर पाता है या आने वाले दिनों में यह रंजिश किसी नई कानूनी लड़ाई का रूप लेगी।