भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व वाले 'INDIA' ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से साफ इनकार कर दिया है। विपक्षी दलों ने रविवार को पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे पर सोमवार शाम को मुलाकात का समय मांगा था ताकि एक ज्ञापन सौंपा जा सके।

CJI का स्पष्ट संदेश: न्यायिक प्रक्रिया का लें सहारा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की ओर से ईमेल के जरिए विपक्ष के अनुरोध को ठुकराते हुए कारण स्पष्ट किए गए हैं। जवाब में कहा गया है कि:

  • चुनाव से जुड़े इन गंभीर आरोपों को प्रशासनिक रूप से ज्ञापन के जरिए उठाने के बजाय, अदालत की निर्धारित कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया के तहत उठाया जाना अधिक उचित है।
  • CJI ने यह भी रेखांकित किया कि जिन नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है और जिनके वोट कथित तौर पर हटाए गए हैं, उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे 24/7 खुले हैं और वे उचित याचिका के माध्यम से अदालत आ सकते हैं।

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विपक्ष की मुख्य मांगें और राष्ट्रपति से मुलाकात

इससे पहले शुक्रवार को 'INDIA' ब्लॉक के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा।
  2. पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करना।
  3. SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाना।
  4. ईवीएम की जगह पुनः बैलेट पेपर (मतपत्र) से चुनाव कराना।
  5. मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ना।

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