उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की व्यापक तैयारियों के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुशासन और जनसेवा का एक अभूतपूर्व उदाहरण पेश किया है। रविवार को उज्जैन स्थित अपने पैतृक घर पहुंचे मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना के बाद खुद अपने हाथों से गैंती चलाकर मकान के हिस्से को तोड़ने की शुरुआत की। बचपन की यादों और अपने जन्मस्थान से जुड़ी इस पारिवारिक संपत्ति को विकास कार्य के लिए समर्पित करते समय मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए।

"जिस घर में पले-बढ़े, उसे तोड़ना भावुक क्षण, लेकिन विकास सर्वोपरि"

मकान तोड़ने के दौरान भावुक हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, "जिस घर में जन्म लिया, पले-बढ़े और खेले-कूदे, उसे तोड़ना पड़े तो मन प्रभावित होना स्वाभाविक है। लेकिन सिंहस्थ जैसे महाकुंभ के आयोजन और शहर के विकास के लिए यह समर्पण जरूरी है। पूरा देश देख रहा है कि उज्जैन के लोग जनसुविधा के लिए स्वेच्छा से अपने मकान पीछे हटा रहे हैं।"

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर सुशासन और नियम-कायदों को प्राथमिकता देते हैं, जो सभी के लिए प्रेरणादायक है।

इसे भी पढ़ेंः कुदरत का विकराल रूप: पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में जलप्रलय; UP में 29 मौतें, बिहार के 6000 गांव बने टापू

उज्जैन का अनूठा आदर्श: हिंदू-मुस्लिम सभी ने पीछे किए अपने निर्माण

मुख्यमंत्री ने उज्जैनवासियों के त्याग और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उज्जैन की आबादी भले ही 8 लाख के करीब है, लेकिन सिंहस्थ के दौरान यहां लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान रहता है। उन्होंने बताया कि बिना किसी भेदभाव के हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और पारसी समुदायों ने विकास के लिए अपने मकान ही नहीं, बल्कि देवस्थान तक पीछे हटाए हैं। यही उज्जैन का सच्चा आदर्श और सरकार के प्रति जनता का अटूट विश्वास है।

इसे भी पढ़ेंः केरल के पूर्व मुख्य सचिव का बड़ा दावा: "CEC ज्ञानेश कुमार ने दिया था BJP में शामिल होकर चुनाव लड़ने का सुझाव"

9.80 करोड़ की लागत से 15 मीटर चौड़ा होगा 730 मीटर लंबा मार्ग

सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन की सड़क और शहरी अधोसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है।

  • परियोजना का विवरण: शहर के खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक के लगभग 730 मीटर लंबे व्यस्त मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है।
  • स्वीकृत बजट: राज्य सरकार ने इस सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्य के लिए 9.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
  • व्यापक लाभ: इस मार्ग के चौड़ीकरण से सिंहस्थ महापर्व के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और वाहनों के आवागमन को सुगम और व्यवस्थित बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।