भोपाल/नीमच।

मध्य प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर नीमच जिला आज एक नया इतिहास रचने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को नीमच जिले को करीब 1,553.98 करोड़ रुपये की 38 औद्योगिक परियोजनाओं की एक अभूतपूर्व सौगात देंगे। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल नीमच को प्रदेश के एक उभरते औद्योगिक हब के रूप में नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी खुलेंगे।

30 नई इकाइयों का भूमिपूजन और 8 का लोकार्पण

इस भव्य कार्यक्रम के दौरान विकास को रफ्तार देने के लिए दोनों स्तरों पर काम होगा। इस निवेश को दो प्रमुख औद्योगिक विभागों के तहत वर्गीकृत किया गया है:

कुल परियोजनाएं: 38 (30 नई औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और 8 पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण)

MPIDC की भूमिका: मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम की 15 परियोजनाओं के जरिए 1,502.31 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश आ रहा है, जिससे 2,753 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

MSME का योगदान: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की 23 परियोजनाओं के तहत 51.67 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जो 448 लोगों के लिए रोजगार के द्वार खोलेगा।

धनुका बायोटेक का महा-निवेश: बनेगा सोलर टेम्पर्ड ग्लास प्लांट

इन सभी 38 परियोजनाओं में सबसे प्रमुख और बड़ा निवेश धनुका बायोटेक की ओर से आ रहा है। कंपनी नीमच में एक 'सोलर टेम्पर्ड ग्लास निर्माण इकाई' स्थापित करने जा रही है।

निवेश राशि: 1,247.71 करोड़ रुपये

रोजगार के अवसर: अकेले इस मेगा प्रोजेक्ट से 1,690 लोगों को सीधा प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

रेस में शामिल अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स पर एक नजर

धनुका बायोटेक के अलावा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई अन्य बड़ी कंपनियां भी अपने कदम बढ़ा रही हैं:

कंपनी/परियोजना का नामक्षेत्र/उद्योग का प्रकारकुल निवेश (करोड़ रुपये में)
बाबजी इंडस्ट्रियलपॉलिएस्टर स्टेपल फाइबर निर्माण इकाई₹81.30 करोड़
विश्वेश्वरा डेनिम प्राइवेट लिमिटेडअपैरल एवं टेक्सटाइल (कपड़ा) यूनिट₹66.00 करोड़
बिग सी रिन्यूएबल एनर्जीबायो-सीएनजी प्लांट₹61.00 करोड़

अर्थव्यवस्था और युवाओं के सुनहरे कल की नींव

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इन भारी-भरकम निवेशों से कुल मिलाकर 3,201 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तुरंत सृजित होंगे। मुख्यमंत्री की इस पहल से नीमच और उसके आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को तो मजबूती मिलेगी ही, साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से हजारों छोटे दुकानदारों, ट्रांसपोर्टरों और सहायक उद्योगों की चांदी होना भी तय माना जा रहा है।