कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के बीच राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। एक ओर जहाँ मतदाता लंबी कतारों में खड़े होकर नई सरकार चुन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दिग्गज नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी ने माहौल को और अधिक गरमा दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए उन्हें पद छोड़ने तक की चुनौती दे डाली है।
"क्या आप में हिम्मत है?": डेरेक ओब्रायन का तीखा हमला
TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रधानमंत्री को खुली चुनौती देकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने लिखा:
"नरेंद्र, आपने कहा था कि आप बंगाल की सभी 294 सीटों के उम्मीदवार हैं। अब बड़ी-बड़ी बातें छोड़िए और यह चुनौती स्वीकार कीजिए। 4 मई को जब ममता बनर्जी और टीएमसी बंगाल में जीत हासिल कर लें, तो प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दीजिए। क्या आप में हिम्मत है?"
ममता बनर्जी का आरोप: "भाजपा कर रही है लोकतंत्र की हत्या"
भवानीपुर सीट से उम्मीदवार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदान के दौरान भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा जबरन चुनाव में 'रिगिंग' (धांधली) करने की कोशिश कर रही है और टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने एक घायल कार्यकर्ता की ओर इशारा करते हुए कहा, "देखिए हमारे कार्यकर्ताओं को किस तरह पीटा गया है। यह लोकतंत्र का पर्व है या गुंडागर्दी? भाजपा डरा-धमकाकर वोट लेना चाहती है, लेकिन हमारे लोग मरने को तैयार हैं, मैदान छोड़ने को नहीं।"
आंकड़ों में बंगाल का 'अंतिम रण'
आज हो रहे दूसरे चरण के मतदान से जुड़ी कुछ प्रमुख जानकारियां निम्नलिखित हैं:
| विवरण | सांख्यिकी |
|---|---|
| कुल उम्मीदवार | 1,448 (पुरुष: 1,228 |
| कुल मतदाता | 3.22 करोड़ |
| कुल मतदान केंद्र | 41,001 |
| महिला संचालित बूथ | 8,845 |
| नतीजों की तारीख | 4 मई, 2026 |
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मतदाताओं का जोश और विशेष व्यवस्थाएं
पहले चरण में हुए 91.78% के रिकॉर्ड मतदान के बाद, दूसरे चरण में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। चुनाव आयोग ने इस बार समावेशी मतदान पर जोर दिया है:
युवा शक्ति: 18-19 वर्ष के 4.12 लाख नए मतदाता पहली बार वोट डाल रहे हैं।
अनुभव का सम्मान: 100 वर्ष से अधिक उम्र के 3,200 से ज्यादा बुजुर्ग मतदाता लोकतंत्र को मजबूती दे रहे हैं।
दिव्यांगों के लिए पहल: 57,000 से अधिक दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जबकि 13 बूथ पूरी तरह दिव्यांग कर्मियों द्वारा संभाले जा रहे हैं।
सुरक्षा और निगरानी: चप्पे-चप्पे पर नजर
निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी 41,001 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा दी गई है। राज्य में संवेदनशील इलाकों की निगरानी सीधे कंट्रोल रूम से की जा रही है।
जहाँ टीएमसी अपनी चौथी पारी के लिए आश्वस्त दिख रही है, वहीं भाजपा 'परिवर्तन' के संकल्प के साथ मैदान में डटी है। अब सबकी नजरें 4 मई के नतीजों पर हैं, जो यह तय करेंगे कि बंगाल के सिंहासन पर 'दीदी' बरकरार रहेंगी या 'कमल' खिलेगा।





