रायपुर:
छत्तीसगढ़ को देश के डिजिटल मानचित्र पर अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के लिए पहली समर्पित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इस दूरगामी नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में एक सुदृढ़ और सुरक्षित 'एआई इकोसिस्टम' (AI Ecosystem) तैयार करना है, जिससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गति और कुशलता सुनिश्चित की जा सके।
इसके साथ ही, राज्य के ग्रामीण अंचलों तक डिजिटल पहुंच बढ़ाने के लिए भारतनेट फेज-3 के तहत 4,114 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने की योजना में तेजी लाने का भी फैसला किया गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन के लिए बनेगा विशेष 'AI रोडमैप'
इस नई पॉलिसी के लागू होने से छत्तीसगढ़ के बुनियादी और सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सूरत बदलने वाली है। सरकार ने मुख्य रूप से चार क्षेत्रों में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही है:
प्रशासन व नागरिक सेवाएं: हर सरकारी विभाग को पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए अपना एक खास 'AI रोडमैप' तैयार करना होगा। इसकी सही देखरेख के लिए विशेष नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
कृषि: मौसम, फसलों की सेहत और मिट्टी की गुणवत्ता की सटीक एआई-आधारित निगरानी।
स्वास्थ्य व शिक्षा: ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और डिजिटल लर्निंग को मजबूत करना।
डेटा सुरक्षा सर्वोपरि; युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि एआई के इस दौर में डेटा सुरक्षा (Data Security) और डिजिटल गवर्नेंस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, राज्य के युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने के लिए सरकार विशेष एआई-आधारित कौशल विकास कार्यक्रम (Skill Development Programs) शुरू करेगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आईटी और तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार के बेहतरीन और नए अवसर पैदा होंगे, जिससे राज्य 'डिजिटल इंडिया' अभियान में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा।
बड़ा फैसला: असिस्टेंट प्रोफेसरों के 700 पदों पर होगी सीधी भर्ती
इसी बैठक के साथ-साथ राज्य के युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया है कि 700 खाली पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को दस्तावेजों और नियमों की जांच की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर तेजी से पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ का नया डिजिटल खाका: एक नज़र में
| सरकारी घोषणा/पहल | मुख्य लक्ष्य और अपेक्षित प्रभाव |
|---|---|
| समर्पित एआई नीति | विभिन्न विभागों में आधुनिक तकनीक का असरदार इस्तेमाल, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति। |
| भारतनेट फेज-3 | 4,114 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़कर ग्रामीण डिजिटल डिवाइड को खत्म करना। |
| हाइब्रिड कौशल विकास | युवाओं को डेटा साइंस और एआई कोडिंग में स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भर बनाना। |
| शिक्षा विभाग में भर्ती | उच्च शिक्षा को मजबूती देने के लिए 700 असिस्टेंट प्रोफेसरों की त्वरित सीधी भर्ती। |
साय सरकार के ये दोहरे निर्णय—एक तरफ ग्रामीण क्षेत्रों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने और एआई नीति लाने का डिजिटल विज़न, तो दूसरी तरफ युवाओं के लिए 700 शैक्षणिक पदों पर भर्ती का तोहफा—राज्य में विकास और रोजगार की एक नई बयार लाने के संकेत दे रहे हैं।





