नई दिल्ली: 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली में सक्रिय एक हाई-प्रोफाइल ड्रग सिंडिकेट को ध्वस्त करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में दो नाइजीरियाई नागरिक शामिल हैं, जो इस अवैध नेटवर्क के मुख्य सप्लायर थे।

हाई-टेक निगरानी और 'एस्कॉर्ट सर्विस' की आड़ में काला धंधा

जांच में खुलासा हुआ है कि यह सिंडिकेट बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था।

एस्कॉर्ट सर्विस का बहाना: आरोपी पिछले दो वर्षों से तिलक नगर के गणेश नगर में एक किराए के फ्लैट से 'एस्कॉर्ट सर्विस' चला रहे थे, ताकि पुलिस की नजरों से अपनी अवैध गतिविधियों को छिपा सकें।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: गिरोह ने खुद को बचाने के लिए CCTV निगरानी और पासवर्ड-आधारित एक्सेस सिस्टम का इस्तेमाल किया था, ताकि बिना कोड के कोई भी उनके ठिकाने तक न पहुंच सके।

बरामदगी: करोड़ों की ड्रग्स और नकदी

पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

90 ग्राम MDMA (क्रिस्टल फॉर्म): अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपये है।

नकदी और मशीनें: 37,500 रुपये नकद, तीन डिजिटल वजन मशीनें और पैकिंग के लिए बड़ी संख्या में जिप-लॉक बैग।

कैसे हुई गिरफ्तारी? (ऑपरेशन का ब्योरा)

संयुक्त आयुक्त धीरज कुमार के मार्गदर्शन में एसीपी कुलदीप सिंह यादव और इंस्पेक्टर शिव कुमार की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया:

6 अप्रैल: गुप्त सूचना के आधार पर गुरमीत सिंह और मुकेश कुमार उर्फ विक्की को तिलक नगर से दबोचा गया। इनके पास से भारी मात्रा में ड्रग्स और पैकिंग का सामान मिला।

9 अप्रैल: पूछताछ के आधार पर नाइजीरियाई सप्लायर मैनकाबो डेविड को गिरफ्तार किया गया।

अगली कड़ी: गुरमीत की निशानदेही पर एक अन्य नाइजीरियाई एमेका इमैनुएल को भी दबोचा गया, जिसके पास से तस्करी में प्रयुक्त वाहन और मोबाइल बरामद हुए।

खरीद-बिक्री का गणित

सिंडिकेट का मुख्य साजिशकर्ता गुरमीत सिंह था। यह गिरोह सप्लायरों से 1200–1600 रुपये प्रति ग्राम की दर से MDMA खरीदता था और दिल्ली-एनसीआर के ग्राहकों को इसे 2500 रुपये प्रति ग्राम की ऊँची दरों पर बेचता था।

आरोपियों का प्रोफाइल

गुरमीत सिंह और मुकेश कुमार: ये दोनों उत्तम नगर के निवासी हैं और स्थानीय वितरण नेटवर्क संभालते थे।

नाइजीरियाई तस्कर: मैनकाबो डेविड पिछले दो सालों से दिल्ली में रह रहा था। इनमें से एक आरोपी आदतन अपराधी है, जो पहले भी NDPS एक्ट के तहत 5 साल की जेल काट चुका है।

पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य सप्लायरों और 'पीटर' नामक व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिससे ये ड्रग्स खरीदी जाती थी। इस कार्रवाई से पश्चिमी दिल्ली में नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को करारा झटका लगा है।