नई दिल्ली: देश के पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी चुनावी प्रक्रिया के बीच असम, केरल और पुडुचेरी में उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो गई है। इन तीनों क्षेत्रों में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि चुनावी नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी।
1. असम: 126 सीटों पर 722 योद्धा
बीजेपी शासित असम में नामांकन वापसी के बाद अब कुल 722 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं।
नामांकन का गणित: शुरुआत में 815 उम्मीदवारों ने 1,389 पर्चे भरे थे। जांच और 67 उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लेने के बाद अब मुकाबला 722 प्रत्याशियों के बीच सिमट गया है।
दिग्गज चेहरे: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया, AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल और विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी जैसे बड़े नाम अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
नाम वापसी: नामांकन वापस लेने वालों में NPP के मोहम्मद अमीनुल इस्लाम और ऑटोनॉमस स्टेट डिमांड कमेटी के 4 नेता शामिल हैं।
2. केरल: 890 प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला
केरल में इस बार पिछली बार (2021) के मुकाबले कम उम्मीदवार मैदान में हैं।
वोटर्स की संख्या: राज्य के 2.7 करोड़ से अधिक मतदाता 890 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।
नामांकन स्थिति: कुल 2,125 नामांकन दाखिल किए गए थे, लेकिन स्क्रूटनी और नाम वापसी के बाद केवल 890 उम्मीदवार ही बचे हैं।
हॉट सीट: कोझिकोड जिले की कोडुवल्ली सीट पर सबसे अधिक 13 उम्मीदवार अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं।
3. पुडुचेरी: 30 सीटों पर 294 उम्मीदवार
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी चुनावी बिसात बिछ चुकी है।
क्षेत्रवार विभाजन: 30 सदस्यीय विधानसभा के लिए कुल 294 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें से 253 उम्मीदवार पुडुचेरी, माहे और यानम क्षेत्र से हैं, जबकि 41 प्रत्याशी कराईकल क्षेत्र से हैं।
नामांकन वापसी: यहाँ 365 सही नामांकनों में से 71 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं।
चुनावी सांख्यिकी: एक नजर में
| राज्य / UT | कुल सीटें | अंतिम उम्मीदवार | मतदान की तारीख | परिणाम (नतीजे) |
|---|---|---|---|---|
| असम | 126 | 722 | 9 अप्रैल | 4 मई |
| केरल | 140 | 890 | 9 अप्रैल | 4 मई |
| पुडुचेरी | 30 | 294 | 9 अप्रैल | 4 मई |
निष्कर्ष: नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब इन राज्यों में चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुँचने वाला है। जहाँ असम में बीजेपी अपनी सत्ता बचाने की कोशिश करेगी, वहीं केरल और पुडुचेरी में भी गठबंधन की राजनीति के बीच दिलचस्प त्रिकोणीय और द्विपक्षीय मुकाबले देखने को मिलेंगे।





