चंडीगढ़/फतेहाबाद: हरियाणा के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर अब घरेलू रसोई पर दिखने लगा है। प्रदेश भर की गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें और गैस की बढ़ती कालाबाजारी ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। सबसे खराब स्थिति फतेहाबाद जिले में है, जहाँ गैस की किल्लत का फायदा उठाकर इसे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है।
जमीनी हकीकत: दावों और आपूर्ति में बड़ा अंतर
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग भले ही रूटीन सप्लाई का दावा कर रहा है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद सिलेंडर के लिए हफ्तों इंतजार करना पड़ रहा है।
कुरुक्षेत्र और करनाल: बुकिंग के बाद सिलेंडर मिलने में 8 से 10 दिन का समय लग रहा है। करनाल में तो यह प्रतीक्षा अवधि 25 दिन तक पहुँच गई है। कुरुक्षेत्र के इस्माईलाबाद में स्थिति इतनी अनियंत्रित हो गई कि भीड़ को संभालने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी।
फतेहाबाद का संकट: यहाँ स्थिति सबसे भयावह है। गैस की कालाबाजारी चरम पर है और उपभोक्ताओं को ₹150 प्रति किलो तक भुगतान करना पड़ रहा है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोग खाली हाथ लौट रहे हैं।
यमुनानगर और अंबाला: अंबाला में बुकिंग सिस्टम (IVRS) काम न करने से लोग परेशान हैं। यहाँ विभाग ने 117 जगहों पर छापेमारी कर 90 सिलेंडर जब्त किए हैं।

जिलों की स्थिति पर एक नज़र
| जिला | मुख्य समस्या | प्रशासन की कार्रवाई |
|---|---|---|
| कैथल | पर्याप्त स्टॉक का दावा, पर लंबी कतारें | छापेमारी में 16 कमर्शियल सिलेंडर जब्त |
| सिरसा | होम डिलीवरी में भारी गिरावट | अधिकारियों ने डिलीवरी बढ़ाने के निर्देश दिए |
| रोहतक | शादी के सीजन के कारण मांग दोगुनी | कलानौर एजेंसी की सप्लाई बढ़ाई गई |
| भिवानी | ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में भीड़ | 8-9 दिन की वेटिंग |
कालाबाजारी पर शिकंजा और प्रशासनिक सख्ती
गैस की किल्लत के बीच होटल और ढाबा संचालकों द्वारा घरेलू सिलेंडरों के अवैध उपयोग की खबरें भी आ रही हैं। इसे रोकने के लिए प्रदेश भर में सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। नीलोखेड़ी और जींद में भी भारी मात्रा में अवैध सिलेंडर पकड़े गए हैं। हालांकि, झज्जर और रोहतक जैसे कुछ जिलों में अभी तक कोई बड़ी छापेमारी नहीं की गई है, जिससे वहां शहरी एजेंसियों पर दबाव बना हुआ है।
शादी के सीजन ने बढ़ाई मुश्किल
वर्तमान में शादियों का सीजन होने के कारण कमर्शियल सिलेंडरों की मांग में भारी उछाल आया है। आपूर्ति कम होने की वजह से कैंटीन और हलवाई घरेलू गैस का उपयोग करने को मजबूर हैं, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
"हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं। आपूर्ति बहाल करने के लिए तेल कंपनियों से संपर्क किया गया है और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।" — विभागीय अधिकारी





