गाजियाबाद (कौशांबी) |
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद में पुलिस ने देह व्यापार के एक बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त करने में सफलता हासिल की है। कौशांबी थाना क्षेत्र के एक होटल में मंगलवार रात की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने 11 युवतियों को मुक्त कराया और होटल मैनेजर सहित तीन आरोपितों को रंगे हाथों दबोच लिया। मौके से नशीले पदार्थ और आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने होटल पर अचानक छापा मारा। कार्रवाई के दौरान होटल के अलग-अलग कमरों से युवतियों को रेस्क्यू किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में चरस, गांजा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है।
कैसे चलता था 'गंदा धंधा'?
पुलिस पूछताछ में इस गिरोह के काम करने के तरीके (Modus Operandi) के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
गरीबी का फायदा: रेस्क्यू की गई युवतियां दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की रहने वाली हैं। ये सभी बेहद गरीब परिवारों से हैं और अधिक पढ़ी-लिखी नहीं हैं।
डेढ़ महीने से सक्रिय: यह काला कारोबार पिछले डेढ़ माह से इसी होटल से संचालित हो रहा था।
पेमेंट मॉडल: युवतियों को प्रति ग्राहक ₹2,000 से ₹4,000 दिए जाते थे। गिरोह के सदस्य सप्ताह या 10 दिन का भुगतान एक साथ करते थे।
फर्जी बुकिंग: होटल मैनेजर राहुल शर्मा फर्जी नामों से कमरे बुक करता था ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
गिरफ्तारी और फरार आरोपित
पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार मुख्य सरगना अब भी फरार हैं।
| गिरफ्तार आरोपित | पता/स्थान |
|---|---|
| राहुल शर्मा (मैनेजर) | वैशाली, गाजियाबाद |
| अंकित चौहान | कासिमपुर, अलीगढ़ |
| सुनील | अकराबाद, अलीगढ़ |
फरार मुख्य आरोपित: निर्दोष कसाना (मुख्य सरगना), सुमित, राहुल और अफजल।
मास्टरमाइंड का खुलासा: मुख्य आरोपित निर्दोष कसाना रिस्तल गांव का रहने वाला है। वह एक बड़े मॉल का केयर टेकर है और क्लब संचालित करता है। उसी की शह पर होटल में यह पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था।
वर्तमान स्थिति
पुलिस ने रेस्क्यू की गई युवतियों के परिजनों को सूचित कर उन्हें सौंप दिया है। एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव के अनुसार, फरार आरोपितों की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं और होटल के लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।





