चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की घोषणा के बाद अब 'दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना' का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब उन परिवारों की महिलाएं भी इस योजना की पात्र होंगी जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है।
क्या है नया बदलाव?
पहले इस योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिल रहा था जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक थी। बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने इस सीमा को बढ़ाने का वादा किया था, जिसे अब आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है।
कैसे मिलता है ₹2100 का लाभ?
योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने कुल 2100 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसे दो हिस्सों में बांटा गया है:
₹1100 (बचत खाता): यह राशि सीधे महिला के सेविंग अकाउंट में आती है, जिसे वह अपनी जरूरतों के लिए हर महीने निकाल सकती है।
₹1000 (RD खाता): यह राशि सावधि बैंक खाते (आरडी) में जमा की जाती है। यह खाता अधिकतम 5 साल के लिए होगा, जिसके बाद महिलाएं मैच्योरिटी पर पूरी राशि एक साथ निकाल सकेंगी।
कौन-कौन है इस योजना का पात्र?
नए नियमों के अनुसार, योजना का लाभ निम्नलिखित श्रेणियों को मिलेगा:
आय सीमा: ₹1.80 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार।
मेधावी छात्रों की माताएं: 10वीं और 12वीं कक्षा में 80% से अधिक अंक लाने वाले बच्चों की माताएं (यदि आय ₹1.80 लाख तक है)।
स्वास्थ्य एवं पोषण: एनीमिया या कुपोषण रोकने की दिशा में काम करने वाली महिलाएं और 'निपुण योजना' के तहत ग्रेडेशन वाली महिलाएं।
आयु सीमा: 23 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं।
योजना की अब तक की प्रगति
लॉन्च: 25 सितंबर 2024 को योजना शुरू हुई थी।
पहली किस्त: 1 नवंबर 2024 (हरियाणा दिवस) को डीबीटी के जरिए भेजी गई थी।
कुल लाभार्थी: वर्तमान में करीब 9 लाख 56 हजार महिलाएं लाभ उठा रही हैं।
बजट खर्च: अब तक सरकार लगभग 835 करोड़ रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर कर चुकी है।
निष्कर्ष
आय सीमा बढ़ने से प्रदेश की लाखों अतिरिक्त महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से अंत्योदय परिवारों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी बचत की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना है।





