चंडीगढ़: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की ग्रुप-24 भर्ती को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता के बादल छंट गए हैं। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के ताजा फैसले के बाद अब शेष 232 अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे 'पारदर्शिता और सत्य की जीत' करार दिया है।
10,233 पदों की भर्ती प्रक्रिया हुई स्पष्ट
ग्रुप-24 की इस बड़ी भर्ती प्रक्रिया में कुल 10,233 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। हालांकि, कानूनी पेचों के कारण 232 उम्मीदवारों का परिणाम लंबित (Pending) रख दिया गया था, जिससे अभ्यर्थियों में काफी चिंता और असमंजस का माहौल था।
चेयरमैन हिम्मत सिंह का मुख्य वक्तव्य:
"माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को स्पष्ट कर दिया है। अब शेष परिणाम संबंधित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र ही जारी कर दिए जाएंगे। यह फैसला आयोग की निष्पक्षता और हमारी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक मजबूत मुहर है।"
अभ्यर्थियों के धैर्य की जीत
चेयरमैन ने उन अभ्यर्थियों की भी सराहना की जिन्होंने इस लंबी कानूनी लड़ाई और प्रतीक्षा के दौरान धैर्य बनाए रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग ने हर स्तर पर अभ्यर्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए मजबूती से अपना पक्ष रखा, जिसका सुखद परिणाम आज सबके सामने है।
भविष्य की भर्तियों के लिए बढ़ा विश्वास
इस फैसले के बाद हरियाणा में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रणाली के प्रति युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। आयोग ने संकल्प दोहराया है कि:
भविष्य की सभी भर्तियां पूरी तरह ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई जाएंगी।
भर्ती प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की विसंगति को दूर करने के लिए ठोस तंत्र कार्य कर रहा है।
न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज गति दी जाएगी।





