चंडीगढ़: हरियाणा की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बनाने की दिशा में नायब सिंह सैनी सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य सरकार ने महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने के विजन को धरातल पर उतारने के लिए 'पिंक कैब योजना' (Pink Cab Yojana) के शुभारंभ का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। इस योजना के माध्यम से न केवल परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि राज्य में सुरक्षित यात्रा के एक नए युग की शुरुआत भी होगी।
10 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण और विशेष प्रशिक्षण
पिंक कैब योजना का मुख्य आकर्षण महिलाओं को दी जाने वाली वित्तीय और तकनीकी सहायता है। योजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
प्रशिक्षण: महिलाओं को पेशेवर तरीके से वाहन चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ब्याज मुक्त ऋण: इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने के लिए सरकार 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराएगी।
रोजगार के अवसर: महिलाएं स्वयं कैब चलाकर स्वरोजगार से जुड़ सकेंगी और अपनी आय का स्थायी स्रोत बना सकेंगी।
लक्ष्य: 5 लाख 'लखपति दीदी' बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट में इस योजना के संकेत देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की 5 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। लखपति दीदी उन महिलाओं को कहा जाता है जिनकी सालाना पारिवारिक आय 1 लाख रुपये या उससे अधिक हो। राज्य में अब तक आधी से अधिक महिलाएं इस लक्ष्य को प्राप्त कर चुकी हैं, और 'पिंक कैब' इस मुहिम को और गति देगी।
सुरक्षा और पर्यावरण का 'डबल धमाका'
यह योजना केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके व्यापक सामाजिक लाभ भी हैं:
महिला सुरक्षा: महिला ड्राइवर होने से महिला यात्रियों को अधिक सुरक्षित महसूस होगा।
हरित परिवहन: केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को ऋण देने से हरियाणा में 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट' को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण कम होगा।
आत्मविश्वास: परिवहन जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कमान संभालकर महिलाएं सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ेंगी।
युवा उद्यमिता पर भी जोर
सरकार ने केवल परिवहन ही नहीं, बल्कि कौशल विकास के लिए भी बड़ी घोषणा की है। राज्य में 60 करोड़ रुपये की लागत से तीन राज्य उद्यमिता विकास संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
विशेष नोट: इन संस्थानों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी, ताकि वे उद्यमिता के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना सकें। साथ ही, 50 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक राज्य कौशल अनुसंधान केंद्र भी बनाया जाएगा।
निष्कर्ष: चेन्नई से शुरू हुआ 'पिंक टैक्सी' का सफर अब हरियाणा की सड़कों पर नई कहानी लिखने को तैयार है। 'पिंक कैब योजना' हरियाणा की बेटियों के लिए न केवल सुरक्षित सफर की गारंटी है, बल्कि उनके स्वाभिमान और आर्थिक आजादी का नया मार्ग भी है।





