गुवाहाटी | विशेष संवाददाता असम की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार (12 मई 2026) को लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजभवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उनके साथ चार अन्य अनुभवी नेताओं ने मंत्री पद की शपथ लेकर सरकार की कमान संभाली। इस नई कैबिनेट में क्षेत्रीय संतुलन और अनुभवी नेतृत्व की स्पष्ट झलक दिखाई दे रही है।
कैबिनेट के 'चार रत्न': अनुभव और योग्यता का मिश्रण
मुख्यमंत्री के साथ शपथ लेने वाले मंत्रियों की प्रोफाइल उनके गहरे राजनीतिक अनुभव को दर्शाती है:
1. अतुल बोरा (असम गण परिषद)
एजीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल बोरा ने अपनी पहचान एक छात्र नेता से एक कुशल प्रशासक के रूप में बनाई है।
शिक्षा: राजनीति विज्ञान में एमए और एलएलबी।
राजनीतिक कद: गोलाघाट और बोकाखाट से कई बार विधायक रहे। उनके पास कृषि और बागवानी जैसे महत्वपूर्ण विभागों का लंबा अनुभव है।
संपत्ति: लगभग 6.87 करोड़ रुपये।
2. रामेश्वर तेली (भाजपा)
चाय बागान समुदाय के सबसे बड़े चेहरों में से एक रामेश्वर तेली का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है।
संघर्ष से सफलता: कभी सड़क किनारे सामान बेचने वाले तेली आज दिल्ली से लेकर असम की राजनीति के केंद्र में हैं।
अनुभव: पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री (पेट्रोलियम और श्रम मंत्रालय) और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। अब दुलियाजान से जीतकर राज्य कैबिनेट में लौटे हैं।
3. अजंता न्योग (भाजपा)
असम की पहली महिला वित्त मंत्री अजंता न्योग राज्य की सबसे प्रभावशाली महिला नेता हैं।
रिकॉर्ड: गोलाघाट सीट से लगातार छठी बार विधायक बनकर उन्होंने इतिहास रचा है।
पृष्ठभूमि: कानून में एलएलएम डिग्री धारक न्योग पूर्व में वकील रह चुकी हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में राजनीति में कदम रखा और आज भाजपा का प्रमुख चेहरा हैं।
4. चरण बोरो (बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट)
बीपीएफ के कद्दावर नेता चरण बोरो गठबंधन सरकार में बोडो क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
शिक्षा: गणित में मास्टर डिग्री (M.Sc)।
विशेषता: मजबत निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने वाले बोरो पिछली सरकार में परिवहन मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
क्षेत्रीय गठबंधन पर जोर
शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा की सहयोगी पार्टियों—असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) को उचित प्रतिनिधित्व देकर हिमंत बिस्व सरमा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर अडिग है।
"यह मंत्रिमंडल असम की विविधता और विकास की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। हमारा लक्ष्य राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।" — मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा
मुख्य बिंदु:
क्लीन रिकॉर्ड: शपथ लेने वाले अधिकांश मंत्रियों का कानूनी रिकॉर्ड पूरी तरह साफ है।
वित्तीय स्थिति: कैबिनेट में शामिल मंत्रियों की संपत्ति 3 करोड़ से 7 करोड़ रुपये के बीच है।
महिला प्रतिनिधित्व: अजंता न्योग के रूप में कैबिनेट को एक अनुभवी और उच्च शिक्षित महिला नेतृत्व मिला है।
विश्लेषण: हिमंत बिस्व सरमा की इस नई टीम में जहां एक ओर जमीनी स्तर से जुड़े रामेश्वर तेली हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक रूप से दक्ष अजंता न्योग और अतुल बोरा जैसे नेता। यह कैबिनेट असम के आगामी पांच वर्षों के विकास का रोडमैप तैयार करने के लिए पूरी तरह सक्षम नजर आती है।





